नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध के भीषण रूप लेने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्शन में आ गए है। पीएम मोदी ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान और कुवैत के अमीर से फोन पर लंबी बातचीत की है, जिसका मुख्य एजेंडा वहां फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार दोपहर खाड़ी क्षेत्र के दो अहम नेताओं से बात की है। भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के संबंध में इस क्षेत्र की सरकारों के साथ-साथ दूसरे अहम पार्टनर्स के संपर्क में है। पिछले 48 घंटों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल सहित 8 देशों के नेताओं से भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बात की है। पीए मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और 8 कतर के नेताओं से बात की है।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा
PM मोदी ने ओमान सुल्तान और कुवैत क्राउन प्रिंस से बात की, जिसमें भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा पर फोकस रहा। ओमान सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह के साथ अपनी फोन पर बातचीत में PM मोदी ने संबंधित देशों में हो रहे हमलों पर चिंता जताई और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा पर चर्चा की।
जंग के बीच एक्शन में पीएम मोदी
यह अहम चर्चा तब हुई जब भारत ने मंगलवार को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी की अपनी अपील दोहराई, जिससे यह साफ हो गया कि वह बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहा है और देश के हित में जरूरी फैसले ले रहा है।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
विदेश मंत्रालय (MEA) की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, ‘हमने 28 फरवरी को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में लड़ाई शुरू होने पर अपनी गहरी चिंता जताई थी। उस समय भी भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी। दुर्भाग्य से रमजान के पवित्र महीने में इस क्षेत्र में हालात काफी और लगातार बिगड़ते गए हैं।’
तबाही और मौतें ने बढ़ाई चिंता
इसमें आगे कहा गया, ‘हाल के दिनों में हमने न केवल लड़ाई को बढ़ते देखा है, बल्कि इसे दूसरे देशों में भी फैलते देखा है। तबाही और मौतें बढ़ी हैं, जबकि आम जिंदगी और आर्थिक गतिविधियां रुक गई हैं। इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में अहम हिस्सेदारी वाले एक करीबी पड़ोसी के तौर पर ये घटनाक्रम बहुत चिंता पैदा करते हैं।’

