पुणे : राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कहा- देश की लड़कियों का आजाद होना जरूरी है। पिता, पति और बेटे से आपका रिश्ता है, लेकिन आपकी पहचान उनसे नहीं है।
उन्होंने कहा कि मनुस्मृति कहती है लड़की पिता, पति, बच्चों की संपत्ति है। यह शर्मनाक, महिलाओं को आजाद होना चाहिए। वे किसी पर आश्रित नहीं हैं।
देश में सिर्फ 8% महिलाओं के पास खुद की प्रॉपर्टी है।
इसी पर मंच पर खड़ी लड़की ने बताया कि एक महीने से ज्यादा घर से बाहर रहने पर हमें प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने को कहा जाता है।
इससे पहले उन्होंने कोटा में 17 जून, देहरादून में 17 जुलाई और प्रयागराज में 8 अगस्त को छात्रों से बातचीत की थी। इस दौरान राहुल ने पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दे उठाए थे।

कार्यक्रम में आई कई छात्राओं ने राहुल गांधी की तरफ हाथ से दिल का साइन बनाकर दिखाया।

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में एक महिला संविधान की कॉपी लेकर पहुंची।
राहुल बोले- बी लाउड, बी प्राउड एंड फाइट फोर योर सेल्फ
खट्टर जी कहते हें कि रेप महिला के कारण होता है। ये एक माइंड सेट है। लड़की की एक जगह है, उसे पिंजरे में बंद होना चाहिए। लड़कों को फुल फ्रीडम होनी चाहिए। वे चाहें गाली दें काम करें घूमें फिरें। हमें ऐसा हिंदुस्तान नहीं चाहिए। आपके दिल में जो डर है उसे जल्द से जल्द मिटा देना है।
आप इस देश की नींव हो भविष्य हो ..आपको पितृसत्ता डराती है, दबाती है, कंट्रोल करती है, तो इसे मिलकर खत्म करना है। मेरा संदेश है कि बी लाउड, बी प्राउड.. एंड फाइट फोर योर सेल्फ
महिलाओं की पहचान पिता, पति या बेटे से नहींः राहुल ने कहा कि महिलाओं का पिता, पति और बेटे से रिश्ता जरूर है, लेकिन उनकी पहचान उनसे नहीं है। महिलाएं किसी पर आश्रित नहीं हैं और उन्हें स्वतंत्र पहचान के साथ जीना चाहिए।
महिलाओं पर हिंसा, अपमान, समय और नियंत्रणः राहुल ने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित करने के चार तरीके हैं- हिंसा, अपमान/अनादर, समय और कंट्रोल। उन्होंने कहा कि महिलाओं को देर तक बाहर रहने, काम करने और अपनी पसंद से जीवन जीने पर रोक का सामना करना पड़ता है।
शिक्षा और रोजगार में भेदभावः राहुल ने सवाल उठाया कि वह सोच कहां से आती है जिसमें लड़के को पढ़ाने और लड़की को पढ़ाई या नौकरी से रोकने की मानसिकता होती है। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी और घरेलू काम के कारण पढ़ाई छूट जाती है।
लड़कियों से ‘बी लाउड, बी प्राउड’ की अपीलः राहुल ने छात्राओं से कहा कि उन्हें डरकर या दबकर नहीं रहना चाहिए। उनका संदेश था-“अपनी बात जोरदार ढंग से कहें, गर्व महसूस करें और अपने लिए लड़ें।” उन्होंने कहा कि पितृसत्ता से मिलकर लड़ना होगा।
‘पिंजरा तोड़ो’ और अपने लिए आवाज उठाओः राहुल ने छात्राओं से कहा कि उन्हें उस “पिंजरे” को तोड़ना होगा जिसमें समाज उन्हें बंद करता है। उनका संदेश था कि लड़कियां डरें नहीं, अपनी बात जोर से रखें और अपने लिए लड़ें। उन्होंने शिक्षा, नौकरी, घर से बाहर निकलने और अपनी पसंद से जीवन जीने की आजादी को इससे जोड़ा।

