नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह तब तक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी जब तक कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल नहीं किया जाता। हालांकि उनकी पार्टी पीडीपी चुनाव लड़ेगी। मुफ्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘कर्नाटक ने पूरे देश को उम्मीद की किरण दिखाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का हर नेता कर्नाटक चुनाव में धर्म का सहारा ले रहा था, लेकिन फिर भी लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्त दिखा दिया।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव की नींव रखी। मुफ्ती ने कहा, ‘‘पिछले पांच साल से नफरत तथा सांप्रदायिक राजनीति का प्रकोप रहा है। यहां भी कर्नाटक में ‘बांटने’ की राजनीति की गई। अब सिद्धरमैया और डी. के. शिवकुमार इन घावों पर मरहम लगाएंगे।”
जम्मू-कश्मीर की बात करते हुए मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया, जो संघवाद का सबसे बेहतरीन उदाहरण है, लेकिन ‘‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करके राज्य को बांट दिया गया और उसे अक्षम बना दिया गया।” कर्नाटक के लोगों ने हाल ही में संपन्न राज्य विधानसभा चुनावों में ‘फासीवादी, सांप्रदायिक और विभाजनकारी’ भाजपा को हराकर पूरे देश को उम्मीद की किरण दिखाई है। मुफ्ती ने इसके लिए कर्नाटक के लोगों की सराहना भी की। हालांकि, उन्होंने दिल्ली के हालिया घटनाक्रम के प्रति लोगों को आगाह करते हुए कहा कि यह सभी के लिए एक खतरे की घंटी है, क्योंकि ऐसा देश में कहीं भी हो सकता है।

