- भारतीय टीम को अपने घर पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बुरी तरह से हार का मुंह देखना पड़ा था
दैनिक उजाला, स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय टीम ने टेस्ट क्रिकेट में पिछले कुछ समय से बहुत ही खराब प्रदर्शन किया है। टीम को अपने घर पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 0-2 गंवानी पड़ी थी। इसके अलावा न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में उसका क्लीन स्वीप हुआ था। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ट सीरीज में लगातार मिल रही विफलता के बाद क्रिकेट बोर्ड के किसी टॉप अधिकारी ने अनौपचारिक तौर पर वीवीएस लक्ष्मण से पूछा था कि क्या वह टेस्ट टीम के कोच बनने के इच्छुक हैं।
कोच बनने के लिए इच्छुक नहीं वीवीएस लक्ष्मण
वीवीएस लक्ष्मण ने अभी तक टेस्ट कोच बनने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई है। वह इस समय बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख बने रहने से खुश हैं। भारतीय टीम के साथ अभी जो कोच हैं, उनका करार वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक है। लेकिन टेस्ट में भारत के खराब प्रदर्शन के बाद इस पर पुनर्विचार किया जा सकता है। फिलहाल लक्ष्मण कोच बनने के इच्छुक नहीं हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर करेगा सब निर्भर
पीटीआई की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कैसा प्रदर्शन करती है। भारतीय टीम अगर टी20 विश्व कप बरकरार रखती है या फाइनल में भी पहुंचती है, तो BCCI अपना मन बदल सकता है। भारतीय टीम को आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अभी श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने हैं। इसके बाद उसे अक्टूबर में न्यूजीलैंड का दौरा करना है। फिर ऑस्ट्रेलियाई टीम जनवरी फरवरी 2027 में पांच टेस्ट की सीरीज खेलने आएगी।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए शुभमन गिल को नहीं मिली जगह
ऐसा माना जा रहा है कि अभी के जो कोच हैं, उनके दौर में कई प्लेयर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। से राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में करते थे जब सभी की भूमिकाएं तय थीं। द्रविड़ के तीन साल के कार्यकाल में खिलाड़ियों को अपनी उपयोगिता साबित करने के लिये भी लंबा समय मिला था। अभी कुछ समय से शुभमन गिल की उपकप्तान बनाकर टी20 टीम में वापसी करवाई गई थी। इसके बाद वह बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुए और अच्छा नहीं कर पाए। इसी वजह से उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 की स्क्वाड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। आगामी टूर्नामेंट के बाद आईपीएल होगा और इसके बाद बीसीसीआई के पास अलग अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच या तीनों फॉर्मेट के लिए एक ही कोच पर विचार करने के लिए काफी समय होगा।

