दैनिक उजाला, स्पोर्ट्स डेस्क : भारत ने इंग्लैंड में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में दूसरा गोल्ड जीत लिया है। रविवार को मीनाक्षी ने 48kg वेट कैटेगरी के फाइनल मुकाबले में 3 बार की विश्व विजेता कजाकिस्तान की नजिम काईजीबे को 4-1 से हराया।
मीनाक्षी इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय बॉक्सर हैं। मीनाक्षी से पहले जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम में पोलैंड की जूलिया स्जेरेमेटा को 4-1 से मात दी।
इसी के साथ वर्ल्ड चैंपियनशिप के मौजूदा सीजन में भारत ने चौथा मेडल जीत लिया है। इनमें एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज भी शामिल हैं।
नूपुर 80 किलोग्राम का फाइनल मुकाबला हार गईं। जबकि पूजा रानी को 80 किलोग्राम में ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

गोल्ड जीतने के बाद भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ के साथ मीनाक्षी।
भारत के वर्ल्ड चैंपियन की संख्या डबल डिजिट में पहु़ंची
मीनाक्षी के इस गोल्ड के साथ भारत के वर्ल्ड चैंपियंस की संख्या डबल डिजिट में पहुंच गई है। वे वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप की विमेंस कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की 10वीं मुक्केबाज हैं।
मीनाक्षी ने भारत को टूर्नामेंट के इतिहास में विमेंस कैटेगरी का 16वां गोल्ड दिलाया है। इस टूर्नामेंट में भारत ने अब तक 9 सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
फाइनल का हाल
- मीनाक्षी ने नजिम काईजीबे को हराया मीनाक्षी ने पेरिस ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट नजिम काईजीबे (कजाकिस्तान) को 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी के फाइनल में 4-1 से हराया। उन्होंने बैकफुट पर रहते हुए अपने लंबे हाथों का फायदा उठाया और प्रतिद्वंद्वी पर सीधे पंच जमाए।
- जैस्मिन ने जूलिया स्जेरेमेटा को 4-1 से हराया पहला राउंड 2-3 से गंवाने के बाद भारतीय मुक्केबाज जैस्मिन ने जोरदार वापसी की। उन्होंने मैच पर कंट्रोल किया। जैस्मिन ने अटैक और डिफेंस के बीच जोरदार समन्वय स्थापित किया, जिससे सभी जज उनके पक्ष में हो गए।
फाइनल में जीत के बाद जैस्मिन ने कहा-

इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वर्ल्ड चैंपियन बनकर मैं बहुत खुश हूं। पेरिस ओलिंपिक में शुरुआती हार के बाद मैंने खुद को पूरी तरह से तैयार किया। यह सफलता उसी मेहनत का परिणाम है।
12 साल बाद पुरुष बॉक्सरों को कोई मेडल नहीं
टूर्नामेंट में महिला मुक्केबाजों की शानदार सफलता के उलट पुरुष वर्ग के लिए यह चैंपियनशिप निराशाजनक रही। भारत का 10 सदस्यीय पुरुष दल बिना किसी पदक के घर लौट रहा है। 2013 के बाद यह पहला मौका है, जब भारतीय पुरुष मुक्केबाज खाली हाथ रहे।
50 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जादुमणि सिंह मंडेनबाम ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन कजाकिस्तान के संझार ताश्केनबाय को कड़ी चुनौती दी, लेकिन 0-4 से हार गए। जादुमणि के अलावा केवल अभिनाश जमवाल (65 किग्रा) ही क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, जबकि बाकी खिलाड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए।
पिछली बार पुरुषों को मिले थे तीन मेडल
2023 में ताशकंद वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत ने पुरुष वर्ग में तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। दीपक भोरिया (51 किग्रा), मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और निशांत देव (71 किग्रा) ने तब मेडल दिलाए थे।

