नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और सीनियर एडवोकेट केवी विश्वनाथन को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और शुक्रवार को इन दोनों ने सुप्रीम कोर्ट के जज के पद की शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम ने 16 मई को दोनों के नामों की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार ने दो दिनों के भीतर इनके नाम पर मुहर लगा दी है। उम्मीद की जा रही है कि केवी विश्वनाथन अगस्त 2030 में देश के चीफ जस्टिस बनेंगे। 24 मई 2031 तक सुप्रीम कोर्ट का नेतृत्व करेंगे। विश्वनाथन बार एसोसिएशन से सीधे CJI बनने वाले चौथे जज होंगे।
जज प्रशांत कुमार मिश्रा और जज केवी विश्वनाथन के शपथ ग्रहण के साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट पूरी क्षमता काम करने लगेगा। पर जून में दो जजों के रिटायरमेंट से फिर दो पद खाली हो जाएंगे। इससे पहले फरवरी महीने में सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की नियुक्ति हुई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था।
केवी विश्वनाथन का जन्म तमिलनाडु में 26 मई 1966 को हुआ था। केवी विश्वनाथन 24 मई 2031 तक सुप्रीम कोर्ट में अपनी सेवाएं देंगे। जस्टिस जमशेद बुरजोर पार्दीवाला के 11 अगस्त 2030 में रिटायर होने के बाद केवी विश्वनाथन देश के मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं। केवी विश्वनाथन को वकालत का लंबा अनुभव है। और वह संवैधानिक कानून, क्रिमिनल लॉ, कमर्शियल लॉ, दिवालिया कानून और मध्यस्थता के माहिर हैं।

