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अब सफर में भी मिलेगा अपने हाथ से बनी कॉफी का आनंद

  • जीएलए पॉलीटेक्निक के शिक्षक और छात्रों ने तैयार की मिनी इंडक्शन कॉफी मशीन

दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के पॉलीटेक्निक संस्थान के छात्र और शिक्षकों ने एक नई तकनीक का अविष्कार किया है। यह अविष्कार सफर करने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। शिक्षक और छात्रों द्वारा किए गए इस अविष्कार का पेटेंट ग्रांट हो चुका है।

अक्सर देखा जाता है कि लोगों के सफर के दौरान बाजार में बनी कॉफी पसंद नहीं आती। साथ ही गर्म पानी की जरूरत भी कभी-कभी पड़ने लगती है, जिस कारण वह लोग सफर अपने आप को प्रफुल्लित महसूस नहीं कर पाते। सफर कर रहे लोगों को पीड़ा को समझते हुए जीएलए के डीन रिसोर्स जनरेशन एंड प्लानिंग डा. दिवाकर भारद्वाज, पॉलीटेक्निक प्राचार्य डा. विकास कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में संस्थान के सीनियर लेक्चरर अंजू उपाध्याय, सीनियर लैब असिस्टेंट राजकुमार तथा छात्र-छात्रा राहुल राज, वैषाली दीक्षित एवं गौरी ने पोर्टेवल मिनी इंडक्शन काफी मशीन बनाने पर कार्य किया।

सीनियर लेक्चरर अंजू उपाध्याय ने बताया कि इस अविष्कार में कई सेंसर जैसे जल स्तर, तापमान, दवाब सेंसर का प्रयोग किया गया है। इन प्रयोगों के माध्यम से ही पता लगाने यह आसानी होगी कि मशीन कितना दूध अथवा पानी तथा उसका तापमान और सहन करने की कितनी क्षमता है। ऐसी जानकारी मशीन पर लगी डिस्प्ले पर दिखेगी और एक स्वादिष्ट कॉफी और गर्म पानी मिनी मशीन तैयार करने में सक्षम होगी। उन्होंने बताया यह मशीन बैट्री और सीधे पावर सप्लाई के माध्यम से भी कार्य करेगी।

पॉलीटेक्निक प्राचार्य डा. विकास कुमार शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के पॉलीटेक्निक संस्थान के के शिक्षक और छात्र इनोवेशन में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। अब तक कई रिसर्च पब्लिश के साथ पेटेंट पब्लिश और ग्रांट कराने में सफलता हासिल की है। आगे भी शिक्षक और छात्रों को इनोवेशन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने बताया कि पॉलीटेक्निक के शिक्षक और छात्रों के द्वारा हुआ अविष्कार सभी कॉफी प्रेमियों के लिए उपयोगी साबित होगा। इस प्रयोग भी आसानी से किया जा सकेगा। इस अविष्कार का पेटेंट ग्रांट हो चुका है।

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