नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन कर दिया है। आज इस शिखर सम्मेलन के औपचारिक उद्घाटन में पीएम मोदी ने संबोधित किया है। एआई को लेकर भारत की क्या रणनीति है और इसके माध्यम से ग्लोबल साउथ को किस तरह लाभान्वित किया जा सकेगा, इसके बारे में पीएम मोदी ने ग्लोबल लीडर्स के बीच अपना संबोधन दिया है। इसके अलावा पीएम एआई इंपैक्ट एक्सपो का दौरा करेंगे और इस शिखर सम्मेलन में आज पूरे दिन विश्व के अन्य शीर्ष नेतागण भी उनके साथ रहेंगे।
समिट में 100 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, शासन-प्रमुख और करीब 60 मंत्री के अलावा उप-मंत्री शामिल हैं। इनके अलावा दुनियाभर के 500 से अधिक एआई दिग्गज, करीब 100 सीईओ व संस्थापक, 150 शिक्षाविद के अलावा शोधकर्ता और 400 मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ), उपाध्यक्ष और फिलॉन्थ्रॉफी कार्य करने वाले व्यक्ति शामिल हो रहे हैं।
बुधवार को पूरा दिन पीएम मोदी मेहमानों से मुलाकात और उनके स्वागत में व्यस्त थे वहीं भारत मंडपम में लाखों लोग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की इस अदभुत दुनिया को देख रहे थे। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में जारी एआई इम्पैक्ट समिट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा सहित विश्व के नेताओं का स्वागत किया।
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, क्रोएशियाई प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, सेशेल्स के उप-राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्लई, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, यूनान के प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस और गुयाना के उप-राष्ट्रपति भरत जगदेवउन नेताओं में शामिल थे जिनका बुधवार को पीएम मोदी ने भव्य रूप से सजाये गए भारत मंडपम में स्वागत किया।
PM मोदी ने वैश्विक नेताओं को भारत में डिजाइन व विकास करने को किया आमंत्रित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को एआई में उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। हमारे पास प्रतिभा, ऊर्जा क्षमता और नीतिगत स्पष्टता है। मुझे आप सभी को यह सूचित करते हुए खुशी हो रही है कि इस शिखर सम्मेलन में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल और ऐप्स लॉन्च किए हैं। ये मॉडल हमारे युवाओं की प्रतिभा को प्रदर्शित करते हैं. मैं आप सभी को भारत में डिजाइन और विकास करने, दुनिया को, मानवता को सौंपने के लिए आमंत्रित करता हूं।
AI को मशीन सेंट्रिक से ह्यूमन सेंट्रिक बनाएं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि AI को मशीन सेंट्रिक से ह्यूमन सेंट्रिक कैसे बनाएं, संवेदनशील और उत्तरदायी कैसे बनाएं। यही इस ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट का मूल उद्देश्य है। आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है और गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है। वर्तमान पीढ़ी के साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंपकर जाएंगे। दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का रीप्रेजेंटेशन, दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इस समिट की सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। इसमें यंग जेनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है, वो एक नया विश्वास पैदा करती है।
पीएम मोदी ने प्रस्तुत किया MANAV विजन
पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपके सामने एआई के फ्यूचर के लिए MANAV विजन प्रस्तुत करता हूं जिसके आधार पर हमारा फ्यूचर ऑफ वर्क नए अवसर लेकर आएगा।
MANAV का अर्थ है
M -मोरल और एथिकल सिस्टम
A-अकाउंटेबल गवर्नेंस
N-नेशनल सॉवेरेनिटी
A-एक्सिसेबल और इंक्लूसिव
V-वैलिड और लैजिटिमेट
एआई के लिए इंसान सिर्फ डेटा मैटीरियल ना बन जाए- पीएम मोदी
वर्तमान पीढ़ी के साथ हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि आने वाली पीढ़ी के लिए हम एआई का क्या स्वरूप छोड़कर जाएंगे। ऐसे सवाल पहले भी मानवता के सामने आए हैं जैसे कि न्यूक्लियर पावर के मोर्चे पर आए थे। एआई के साथ भी ऐसा ही है क्योंकि अगर इसका गलत इस्तेमाल हो तो ये विनाश कर सकती है और सही इस्तेमाल हो तो ये समाधान बन सकती है। एआई के लिए इंसान सिर्फ डेटा मैटीरियल ना बन जाए। इसे इंक्लूजन और एंपावरमेंट का साधन बनाना होगा। हमें एआई को ओपन स्काई देने के साथ इसकी कमांड भी अपने हाथ में रखनी है।
मानव जाति के हित में काम करने में सक्षम बनाएगी एआई- इमैनुअल मैंक्रों
पिछले साल जब फ्रांस और भारत ने पेरिस में एआई एक्शन समिट की सह-मेजबानी की, तो हमने उन प्रौद्योगिकियों के लिए एक वैश्विक मार्गदर्शक सिद्धांत निर्धारित किया जो हमारे समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को बदल देंगी। हमारा मानना है कि एआई मानवता को तेजी से इनोवेशन करने, हेल्थकेयर सर्विसेज, एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं में व्यापक बदलाव लाने और मानव जाति के हित में काम करने में सक्षम बनाएगी। भारत और फ्रांस हम दोनों इस क्रांति में विश्वास करते हैं। एआई रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है, और बड़ी तकनीकी कंपनियां और भी बड़ी हो गई हैं.

