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Wed. Apr 8th, 2026

टेलीकॉम कंपनियों को लॉन्च करना होगा सस्ता प्लान, TRAI ने की बड़ी तैयारी

  • TRAI ने करोड़ों यूजर्स की बात सुन ली है। दूरसंचार नियामक ने नया प्रस्ताव तैयारी किया है, जिसमें टेलीकॉम ऑपरेटर्स को सस्ते रिचार्ज प्लान लॉन्च करने के लिए कहा जाएगा

TRAI ने नया टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन बिल 2026 की तैयारी कर ली है। इस बिल में 13वें संसोधन के लिए ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जिसमें देश के करोड़ों टेलीकॉम यूजर्स को बड़ा फायदा मिलने वाला है। इस बिल में टेलीकॉम कंपनियों को सस्ते रिचार्ज प्लान लॉन्च करने के प्रावधान रखे गए हैं, ताकि हर मोबाइल यूजर्स टेलीकॉम सेवाओं का लाभ ले सके। पिछले साल भी दूरसंचार प्राधिकरण ने टेलीकॉम कंपनियों को वॉइस और SMS ओनली प्लान लॉन्च करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद Airtel, Jio, Vi और BSNL ने वॉइस ओनली रिचार्ज प्लान उतारे थे।

हालांकि, TRAI टेलीकॉम कंपनियों के खानापूर्ति वाले वॉइस ओनली प्लान से खुश नहीं है। ये प्लान डेटा वाले प्लान के मुकाबले थोड़े ही सस्ते हैं, जिसकी वजह से यूजर्स को फायदा नहीं मिल रहा है। टेलीकॉम कंपनियों के 84 दिन और साल भर वाले ये प्लान डेटा वाले प्लान के मुकाबले 100 से 200 रुपये ही कम में आत हैं। साथ ही, टेलीकॉम कंपनियों ने इस प्लान के कंपैरिजन वाले डेटा प्लान भी मार्केट में उतारे हैं, जिसकी वजह से यूजर्स डेटा वाले प्लान खरीदना पसंद करते हैं।

स्पेशल टैरिफ लॉन्च करने का निर्देश

TRAI ने नए ड्राफ्ट में टेलीकॉम कंपनियों को एक स्पेशन टैरिफ वाउचर लॉन्च करने के लिए कहा है, जिसमें केवल वॉइस और SMS की सुविधा मिल सके। यह वाउचर रेगुल प्लान के मुकाबले सस्ता होना चाहिए। ट्राई ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों द्वारा लॉन्च किए गए वॉइस और SMS ओनली वाले प्लान की कीमत काफी ज्यादा है, जो डेटा हटाने के बाद फायदेमंद रहा है। इसलिए पहले किए गए बदलाव काफी नहीं है। इसलिए नया प्रस्ताव तैयार किया गया है।

करोड़ों यूजर्स को फायदा

TRAI ने बताया कि नए प्रस्तावित ड्राफ्ट में स्पेशल टैरिफ वाउचर का जिक्र किया गया है, जिसमें यूजर्स को वॉइस और SMS की सुविधा मिल सके और इसके लिए यूजर्स को ज्यादा खर्च न करना पड़े। ये प्लान मौजूदा वॉइस और SMS ओनली प्लान के मुकाबले काफी सस्ते में लॉन्च किए जाने चाहिए। दूरसंचार विभाग रिचार्ज प्लान में पारदर्शिता चाहती है ताकि यूजर्स को जबसदस्ती के बंडल्स न लेने पड़े। इस प्रस्ताव के लिए टेलीकॉम कंपनियों और स्टेकहोल्डर्स से 28 अप्रैल तक कमेंट करने के लिए कहा गया है।

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