- शुक्रवार की रात्रि 9 बजे से बारिश के बाद गुल हो गयी बिजली, पूरी रात मच्छरों से जूझते रहे बलदेववासी
- बलदेव वासियों ने कई बार SE देहात और चीफ इंजीनियर से कस्बा का निरीक्षण कर हालात जानने के की मांग की, लेकिन अधिकारियों के जूं तक नहीं रेंगी
- हालात ये हैं कि हर एक रात्रि बाद पूरी रात्रि गुल हो रही बिजली
दैनिक उजाला, बलदेव/मथुरा : ये विद्युत विभाग के अधिकारी हैं, इनके कान पर जनता की मांग के बावजूद कोई जूं तक नहीं रेंगती। हालात ये हैं कि हर एक रात्रि बाद दूसरी रात्रि बिजली मिल ही नहीं रही है। अधिकारी सुनने तक तैयार नहीं है।
शुक्रवार की रात्रि 9 बजे से बारिश के कारण सप्लाई बंद कर दी। करीब एक घंटे बाद बारिश थमने के बाद भी शनिवार की सुबह तक बलदेव की विद्युत सप्लाई बाधित रही। पूरी रात बलदेववासी जागते रहे और अधिकारियों को व्हाट्सएप पर चिल्लाते रहे, लेकिन ये अधिकारी जो ठहरे इनके कान पर कहां जूं रेंगती है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री खुद परेशान हैं, वह अपना दर्द मीडिया पर बयां कर चुके हैं। बावजूद इसके अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं।
बलदेववासी सुधीर गोयल कहते हैं कि कई बार SE देहात तथा चीफ इंजीनियर से बलदेव के हालातों को जानने की मांग की, लेकिन उन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इससे जाहिर होता है कि अधिकारी समझते हैं कि ये जनता है इनका काम सिर्फ चिल्लाना है, मनमर्जी तो अधिकारियों की चलेगी।
अधिकारियों की लापरवाही के चलते ही मथुरा की विद्युत व्यवस्था चौपट है। RDSS के कामों को देखने के लिए किसी के पास समय नहीं है। चीफ इंजीनियर कार्यालय से निकलना नहीं चाहते। SE देहात कार्यालय में बैठकर ही देहात चला रहे हैं।
बलदेव विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र पांडेय ने शुक्रवार को SE देहात और अधिशाषी अभियंता से मिलकर बलदेव की विद्युत अव्यवस्था से अवगत कराया। RDSS के कार्यों के निरीक्षण के लिए कहा। पांडेय ने बताया कि वह पहले भी कई बार अधिकारियों से अव्यवस्थाओं पर नजर डालने की मांग कर चुके हैं।

