नई दिल्ली : न्यूयॉर्क के मैनहट्टन जिला न्यायालय में ट्रंप की एक घंटे की गिरफ्तारी और उन पर लगे 34 आपराधिक आरोपों से अमरीका की सियासत बदलती दिख रही है। 2024 में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए ट्रंप के डांवांडोल दिख रहे चुनावी अभियान को मुद्दा मिल गया है। ट्रंप के आलोचक भी मान रहे हैं कि फिलहाल ट्रंप को इस आपराधिक मुकदमे के कारण अल्पकालिक फायदा होता दिख रहा है। ट्रंप भी इसको भुनाने में जुट गए हैं।
न्यूयॉर्क से देर रात फ्लोरिडा में पाम बीच स्थित अपने मार-ए-लागो आवास पहुंचे ट्रंप ने सैकड़ों समर्थकों के सामने इन सारे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। यहां उन्होंने अपने समर्थकों के सामने जोर-शोर से खुद को रेडिकल लेफ्ट द्वारा विक्टिम बनाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि, मैंने जो एकमात्र अपराध किया है, वह ये है कि निडर होकर अपने राष्ट्र को उन लोगों से बचाना, जो इसे नष्ट करना चाहते हैं। ये देश का अपमान है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमारे देश में ये हो सकता है।…चूंकि वे हमसे मत पेटी पर नहीं जीत सकते, इसलिए वे हमें कानून के माध्यम से खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप यही नहीं रुके। ट्रंप ने कहा हमारा देश नर्क में जा रहा है और मार्क्सवादी तीसरी दुनिया का देश बन रहा है। कई देश हमें परमाणु बम की धमकी दे रहे हैं…राष्ट्रपति बाइडन हमें विश्व युद्ध की ओर ले जा रहे हैं।
ट्रंप ने मामले की सुनवाई करने वाले जज जुआन मर्चेन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, मेरे मामले की सुनवाई ट्रंप से नफरत करने वाला जज कर रहा है। जो कि ट्रंप परिवार से नफरत करने वाले परिवार से आता है। ट्रंप ने कहा, संबंधित जज की बेटी कमला हैरिस के लिए काम करती थी। ट्रंप ने जिला अटॉर्नी एल्विन ब्रैग पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि अटॉर्नी ने ही अवैध रूप से ये सूचनाएं लीक की। इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए या कम से कम उनका इस्तीफा तो लिया ही जाना चाहिए।

