नोएडा : ग्रेटर नोएडा: यूपी के ग्रेटर नोएडा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां शारदा यूनिवर्सिटी के एक B.Tech स्टूडेंट ने फांसी लगाकर सुसाइड कर ली है। छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका मिला है। छात्र की पहचान शिवम डे के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला था।
क्या है पूरा मामला?
बीटेक के छात्र शिवम डे ने सुसाइड करने से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को ही बताया है। शिवम ने बेडशीट के जरिए फांसी का फंदा बनाया था और फिर पंखे से लटककर जान दे दी। पुलिस ने शिवम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतक छात्र ने सुसाइड नोट में क्या लिखा?

शिवम डे ने सुसाइड नोट में लिखा, “जब आप ये नोट पढ़ रहे होंगे, मैं मर चुका होऊंगा। सुसाइड का निर्णय मेरा खुद का है। इसके लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। ये दुनिया मेरे लिए नहीं है। मै सिर्फ एक यूजलेस हूं।”
शिवम डे ने सुसाइड नोट में लिखा, “पुलिस से प्रार्थना है कि किसी को भी मेरी मौत के लिए ब्लेम ना करे। कॉलेज प्रबंधन से स्पेशल रिक्वेस्ट है कि मेरी जितनी भी फीस लगी है, उसे मेरे पिताजी को वापस कर दो। मैं एक अच्छा स्टूडेंट नहीं हूं। मैं शायद इस एजुकेशन सिस्टम के लिए नहीं था। मैं अपने आर्गन को डोनेट करना चाहता हूं।”
शिवम डे ने सुसाइड नोट में लिखा, “मैं उन सभी लोगों से माफी मांगता हूं जिनको मेरी वजह से कोई दुख पहुंचा है। सॉरी बाबा, मैं बुढ़ापे में आपका कोई सपोर्ट नहीं कर सका। मैं किसी प्रकार का स्ट्रैस और प्रेशर नहीं झेल पा रहा हूं। सॉरी”
शिवम के पिता ने बताया- 2 महीने घर रहकर गया था
मृतक शिवम के पिता कार्तिक ने बताया, “2 महीने तक बेटा घर रहा था। उसने ऐसा कुछ नहीं बताया कि उसके साथ कुछ हो रहा है। वो आराम से बातचीत करता रहा। कोई दिक्कत नहीं थी। अभी दो अगस्त को घर से लौटा। इससे पहले हम वैष्णो देवी गए थे। वहां भी कुछ ऐसा नहीं था। सब ठीक था। मेरे परिवार का इकलौता बेटा था। अगर नहीं पढ़ना था तो मना कर देता।”
पहले भी सामने आ चुका है सुसाइड का मामला
इससे पहले भी शारदा यूनिवर्सिटी में एक बीडीएस की छात्रा ने सुसाइड कर लिया था। उसने 2 शिक्षकों पर आरोप लगाया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। उस मामले की जांच अब भी जारी है। समिति की रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है।
अब हूबहू सुसाइड नोट पढ़िए
अगर आप इसे पढ़ रहे हैं, मैं मर चुका हूं। मेरी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं। कोई और इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। मैं इसके लिए पिछले एक साल से तैयारी कर रहा था। यह दुनिया मेरे लिए नहीं है या मैं ही इसके लायक नहीं हूं। मैं ही किसी काम का नहीं हूं। पुलिस से मेरी गुजारिश है कि मेरी मौत के लिए किसी को पकड़ा नहीं जाए। शारदा यूनिवर्सिटी से मेरा विशेष आग्रह है कि मैंने सेकेंड ईयर के बाद से कॉलेज ज्वाइन नहीं किया है।। मेरी जो फीस बची रह गई है, उसे मेरे अभिभावकों को वापस कर दें। मैं एक अच्छा छात्र नहीं था या शायद इस एजुकेशन सिस्टम के लिए मैं सही नहीं था। अगर यह देश महान बनना चाहता है तो उसे सही एजुकेशन सिस्टम शुरू करना होगा। अगर मेरे शरीर का अंग काम कर रहा है तो मैं उसे दान करना चाहता हूंं। मैं उन सभी से माफी चाहता हूं जो मुझे प्यार करते हैं। बाबा, मां सॉरी। मैं आपके बुढ़ापे का सहारा नहीं बन सका। मैं इस तनाव और दबाव को और नहीं झेल सकता हूं। किसी और को न डराया जाए। मैं मरने के बाद किसी और को परेशान करना नहीं चाहता हूं। “आई एम सॉरी”
कॉलेज प्रशासन का दावा- शिवम का सीजीपीए कम आता रहा
शारदा कॉलेज प्रशासन का कहना है कि शिवम कुमार डे ने सत्र 2022-23 में School of Engineering & Technology के B.Tech (CSE) कार्यक्रम में प्रवेश लिया। सत्र 2023-24 में उन्होंने प्रथम वर्ष की परीक्षा देने के बाद द्वितीय वर्ष में प्रवेश किया।
मई 2024 में चौथे सेमेस्टर की नियमित परीक्षाओं के बाद शिवम को सीजीपीए तीसरे साल में प्रमोशन देने के लिए आवश्यक मानदंड तक नहीं पहुंचा। विश्वविद्यालय की मानक प्रक्रिया के अनुसार मेंटर ने शिवम का मार्गदर्शन किया। समर टर्म के माध्यम से सुधार का अवसर दिया गया। समर टर्म के परिणामों के बाद भी आवश्यक सीजीपीए शिवम नहीं प्राप्त कर सके।
अगस्त 2024 में उन्हें विशेष परीक्षा का अतिरिक्त अवसर दिया गया। इसके बाद भी न्यूनतम मानदंड पूरे नहीं हुए। विश्वविद्यालय ने अपनी नीति के अनुरूप शिवम को मात्र 40% शुल्क पर द्वितीय वर्ष में पुनः प्रवेश का विकल्प प्रदान किया। हालांकि विश्वविद्यालय के खाते में शुल्क जमा कर दिया गया।
सत्र 2024-25 में शिवम ने स्वयं को पुनः पंजीकृत नहीं कराया। वह किसी कक्षा में शामिल नहीं हुए। इस दौरान मेंटर ने लगातार शिवम से संपर्क रखा। इंटर्नशिप जैसी अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में शिवम शामिल हो, इसके लिए प्रयास किया। कॉलेज प्रशासन ने शिवम के परिजनों को जमा शुल्क वापसी का आश्वासन दिया है।
डीसीपी बोले- परिजनों की शिकायत पर जांच करेंगे
ग्रेटर नोएडा के एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि शारदा विश्वविद्यालय के बीटेक के छात्र ने एक हॉस्टल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पास एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उसने किसी के भी खिलाफ कार्रवाई ने करने की बात कही है।
उसमें कहा है कि वह आत्महत्या का स्वयं जिम्मेदार है, लेकिन हम हर पहलू पर जांच कर रहे हैं। अगर परिजनों के द्वारा कोई शिकायत दी जाती है तो उस आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

