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Thu. Feb 19th, 2026

कानपुर में ‘डिग्री माफिया’ का बड़ा खुलासा! 9 राज्यों में फैला जाल, 14 यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट कर रहे थे तैयार

  • कानपुर में पुलिस ने फर्जी डिग्री माफिया का पर्दाफाश किया है, जांच में पता चला है कि इन लोगों ने देश के 9 राज्यों में अपना जाल बिछा रखा था

कानपुर: यूपी के कानपुर में शिक्षा और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। किदवई नगर थाना क्षेत्र में सक्रिय ‘डिग्री माफिया’ के इस गिरोह ने न केवल कानपुर, बल्कि पूरे देश के 9 राज्यों में अपना जाल बिछा रखा था। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने 14 प्रमुख विश्वविद्यालयों के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करके बेचे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट भी इतनी शानदार तरीके से फर्जी बनाई जाती थी कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल था।

पुलिस ने अब तक चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि करीब पांच अन्य अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। गिरोह ने किदवई नगर में ‘शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन’ नाम से एक फर्जी दफ्तर खोल रखा था। इसी ऑफिस से पूरा ऑपरेशन चलता था, जहां युवाओं को बिना परीक्षा दिए डिग्री दिलाने का लालच देकर मोटी रकम वसूली जाती थी।

खास प्रिंटिंग तकनीक से बनाते थे मार्कशीट

विशेष प्रिंटिंग तकनीक, नकली मोहरें और फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करके दस्तावेज इतने परफेक्ट बनाए जाते थे कि वे नौकरी, प्रमोशन या आगे की पढ़ाई में इस्तेमाल हो जाते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने अब तक दर्जनों-शायद सैकड़ों युवाओं को फर्जी प्रमाणपत्र थमा चुका है और लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

फर्जी दस्तावेज लेने वालों की होगी जांच

पुलिस अब उन सभी लोगों की जांच कर रही है, जिन्हें ये फर्जी दस्तावेज मिले थे। उनकी भूमिका, इस्तेमाल और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जा सकता है। यह मामला युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा, ‘यह सिर्फ एक गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध है जो समाज के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा था। हमारी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा और पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर इसे खत्म किया जाएगा। ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।’

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