प्रयागराज : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच शुरू हुआ विवाद अब सरकार के लिए मुसीबत बन गया है। अब BJP की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने भी शंकराचार्य का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा- प्रशासनिक अधिकारियों का शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, उनकी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन है, यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का एवं विद्वत परिषद का है।
वहीं बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
उन्होंने कहा-

आज की लड़ाई हिंदू-मुसलमान या अंग्रेज-भारतीय की नहीं, नकली और असली हिंदू के बीच है। मेरी सिटी मजिस्ट्रेट से फोन पर बात हुई। वह सनातन धर्म के ‘अलंकार’ हैं। अफसर ने मुझसे कहा कि अत्याचारी सरकार का अंग होना, मुझे भी पाप में डालेगा। इसलिए सरकार का अंग बनकर काम करना मुश्किल हो गया था।
इधर, अयोध्या छावनी धाम के परमहंस महाराज ने कहा- अविमुक्तेश्वरानंद और सतुआ बाबा ने माघ मेले को बदनाम किया है। दोनों को माघ मेले में आने से पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर तो एनएसए लगना चाहिए।
माघ मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच 10 दिन से विवाद चल रहा है। कम या खत्म होने की बजाय मामला बढ़ता जा रहा। प्रयागराज हाईकोर्ट के वकील भी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने पोस्टर जारी करके कहा- असहमति हो सकती है। अपमान नहीं।

माघ मेला में शंकराचार्य के समर्थन में मंगलवार को धुनी साधना में कंप्यूटर बाबा के साथ साधना में बैठे अन्य संत।
18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर पैदल जाने को कहा। विरोध पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। मारपीट की गई। पुलिस उनकी पालकी खींचकर दूर ले गई। इसके बाद वे शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रशासन ने दो नोटिस दिए। पहले में शंकराचार्य की पदवी लिखने पर और दूसरे में मौनी अमावस्या के दिन हंगामा करने पर सवाल पूछे। चेतावनी दी गई कि माघ मेले से बैन किया जा सकता है। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिसों का जवाब दिया।
24 जनवरी की रात उनके शिविर में कट्टर सनातनी सेना के 8-10 युवक नारे लगाते पहुंचे और घुसने की कोशिश की। ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ और ‘योगी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इस पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- जितना जुल्म होगा, उतनी मजबूती से कदम उठाऊंगा।
उमा भारती ने कहा- शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन
उमा भारती ने X पर लिखा- मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा। किंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है, यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का एवं विद्वत परिषद का है।
शंकराचार्य के विशेष शिष्य देवेंद्र पांडे ने कहा- भाजपा का छद्मवेश सामने आ गया है
शंकराचार्य के विशेष शिष्य देवेंद्र पांडे ने कहा- भाजपा के राज में गो हत्या होना। पहलगाम, पुलवामा हमला आज भी संदेह के घेरे में है। भाजपा का छद्मवेश उजागर हो गया है। शंकराचार्य जी ने खुद मीडिया से चर्चा में इस बात का खुलासा किया। RSS की एक विंग है राष्ट्रीय मुस्लिम मंच जिसके इंद्रेश कुमार संयोजक हैं। एक बार एयरपोर्ट पर इंद्रेश कुमार की शंकराचार्य जी से मुलाकात हुई। हिन्दू और हिन्दुत्व को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान इंद्रेश कुमार ने बताया-10 लाख से अधिक हिन्दू बच्चियों का विवाह मुस्लिमों से करा चुके हैं। तो शंकराचार्य ने पूछा 10 हजार तो उन्होंने कहा- 10 लाख। शंकराचार्य ने पूछा- इसके पीछे का कारण क्या है तो इंद्रेश कुमार ने कहा- वो बच्चियां मुसलमान परिवार में जाएंगी तो उन्हें समझाकर हिन्दू परिवार में लेकर आएंगी। कितने आश्चर्य की बात है हमारे घर की बच्चियां बच नहीं पा रही हैं, लव जिहाद का शिकार हो रही हैं। जो बची हुई संस्कारी बच्चियां हैं उन्हें बहला फुसलाकर मुसलमानों के हवाले ये लोग कर रहे हैं।
शंकराचार्य ने कहा- सतुबा बाबा पर कुछ नहीं कहेंगे क्योकि मैंने इनके गुरु को वचन दिया है
शंकराचार्य ने कहा- संतोष दास जब छोटे थे तो उनके गुरु उन्हें लेकर मेरे पास आए थे और कहा था कि मैं इसे उत्तराधिकारी बनाना चाहता हूं। मेरी आपसे यही विनती यही अनुरोध है कि मेरे चले जाने के बाद इसका संरक्षण करिएगा। 15 साल पहले ही हमने सतुआ बाबा के गुरु जी को वचन दे दिया है कि इनका हम संरक्षण करेंगे।
इसलिए हम उनके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, उनको जो कहना है वह कहें, हम उनके बारे में कुछ नहीं कहेंगे। क्योंकि हमने उनके गुरु को वचन दिया है। उनके गुरु ने हमारे मठ में आकर हमसे वचन मांगा था और बड़े हृदय से मांगा था।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में संतों ने धुनी साधना शुरू की
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में संतों ने धुनी साधना शुरू कर दी है। कंप्यूटर बाबा के साथ अन्य संत शामिल हैं।
राजा भैया, सतुआ बाबा के शिविर पहुंचे, साधु-संतों से मिले

प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया प्रयागराज माघ मेले में पहुंचे। वे सतुआ बाबा के शिविर में गए। यहां उन्होंने साधु-संतों से मुलाकात की और कुछ समय शिविर परिसर में बिताया। सतुआ बाबा और राजाभैया एक दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए।
परमहंस महाराज बोले- अविमुक्तेश्वरानंद पर तो एनएसए लगना चाहिए
अयोध्या छावनी धाम के परमहंस महाराज ने कहा- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और सतुआ बाबा ने माघ मेले को पूरी तरह से बदनाम किया है। दोनों को माघ मेले में आने से पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर तो एनएसए लगना चाहिए। वह राष्ट्र विरोधी कार्य कर रहे हैं। यह बात सोमवार को परमहंस महाराज प्रयागराज के फूलपुर एक हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और संजय सिंह जैसे लोग कभी भी हिंदू धर्म के हितैशी नहीं हो सकते। अविमुक्तेश्वरा नंद से पूछा जाना चाहिए कि क्या अखिलेश यादव गाय को राष्ट्र माता घोषित करने में उनके साथ हैं।
परमहंस महाराज ने कहा कि ऐसा लगता है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कहीं न कहीं इस मेले को और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बदनाम करना चाह रहे हैं। सतुआ बाबा को लेकर बोले कि बड़ी-बड़ी गाड़ियां खरीदें रहे। संतों का काम लोगों को भक्ति की ओर ले जाना होता है।
सपा बोली- भाजपा का डर दिखाई दे रहा
शंकराचार्य से मिलने पहुंचीं सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता निधि यादव ने कहा- भाजपा उनका विरोध करने वालों के ऊपर लगातार एक्शन लेती है। आज वह एक्शन उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ लिया है, जो धर्म के गुरु माने जाते हैं। शंकराचार्य के खिलाफ यह कदम उठाना बहुत ही निंदनीय और गलत बात है। निधि ने कहा- जिस तरह से शंकराचार्य जी का भाजपा लगातार अपमान कर रही है और उन्हें बार-बार नोटिस देने का काम किया जा रहा, इसमें कहीं न कहीं भाजपा का डर दिखाई दे रहा। शंकराचार्य जी सनातन धर्म के एक माननीय संत और गुरु हैं। उनके खिलाफ जो भी प्रक्रिया चल रही, उससे देश का हर हिंदू आहत है और बहुत पीड़ा में है। आखिर क्या वजह है कि भाजपा, विरोध करने वालों को नहीं छोड़ती, चाहे वे शंकराचार्य ही क्यों न हों? आज माघ मेले में लोग आकर शंकराचार्य जी को अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं।
सपा सांसद बोले- पहले मुस्लिम, अब हिंदू धर्मगुरुओं से ज्यादती हो रही
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सोमवार को संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि अभी तक मुसलमानों और उनके धर्मगुरुओं के साथ ज्यादती हो रही थी। लेकिन, अब हिंदू समाज के शंकराचार्य के साथ भी ऐसी घटना देखने को मिली है। यह अफसोसजनक है। धर्मगुरुओं का सम्मान होना चाहिए। उनका किसी भी तरह से अपमान नहीं किया जाना चाहिए।
कुमार विश्वास बोले- हम पर कृपा बरसाएं
कवि कुमार विश्वास ने कहा- मेरी तो इतनी सामर्थ्य नहीं कि मैं पूज्य शंकराचार्य के विषय पर कुछ टिप्पणी करूं। अनुरोध है कि प्रशासन को संवेदनशीलता से काम करना चाहिए। जो भी व्यक्ति संत प्रवृत्ति से आता है, जिसने भी शरीर पर भगवा धारण किया है, जिसने भी स्वयं को धर्म के प्रति अर्पित कर दिया है, उससे संवाद करते समय थोड़ी सी मर्यादा थोड़ी जिम्मेदारी का भाव रखना चाहिए। मैं पूज्य शंकराचार्य भगवान से प्रार्थना करूंगा कि अपना सात्विक क्रोध को त्यागें और सब पर कृपा बरसाएं। उनकी परंपरा के कारण धर्म का, संस्कृत का मान बढ़ा है। किसी से कोई अपराध हुआ है तो मैं एक सामान्य भारतीय नागरिक होने के नाते पूज्य शंकराचार्य महाराज से क्षमा प्रार्थना करता हूं।

