- एक शख्स ने AC 2 टियर का टिकट लिया था, उसका टिकट कन्फर्म था मगर फिर भी वो अपने परिवार के साथ ट्रेन में नहीं चढ़ पाया
आज भी एक बड़ी आबादी ऐसी है जो ट्रेन से सफर करना पसंद करती है। कुछ लोग स्लीपर कोच का टिकट लेते हैं तो कुछ लोग AC कोच का टिकट लेकर सफर करते हैं। यह बात तो अपने-अपने बजट पर निर्भर करता है। अब आप जरा सोचिए कि आपने अपने परिवार के साथ कहीं जाने के लिए एक ट्रेन में AC का टिकट लिया हुआ है। आपके पास कन्फर्म टिकट है मगर फिर भी आप ट्रेन में चढ़ नहीं पाएं तो आपको कैसा लगेगा? एक शख्स के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ है। उसने एक पोस्ट में सब कुछ बताया है। आइए आपको बताते हैं कि उस शख्स ने क्या बताया है।
पोस्ट में शख्स ने क्या लिखा है?
एक्स प्लेटफॉर्म पर राहुल कुमार पांडे नाम के शख्स ने अपने अकाउंट @raaahulpandey से एक पोस्ट किया है और उसमें अपने बुरे अनुभव के बारे में बताया है। उसने लिखा है, ‘पाटलिपुत्र जंक्शन पर ट्रेन नंबर 12488 सीमांचल एक्सप्रेस में बहुत बुरा अनुभव हुआ। AC 2 टियर (इस ट्रेन की सबसे अच्छी क्लास) का कन्फर्म टिकट होने के बावजूद, मैं और मेरा परिवार ट्रेन में नहीं चढ़ पाए। सैकड़ों छात्रों ने दरवाजों पर कब्जा कर रखा था, A2 कोच के दरवाज़े नहीं खोले गए और प्लेटफ़ॉर्म पर पूरी तरह अफरा-तफरी मची हुई थी।’ शख्स ने पोस्ट में आगे लिखा, ‘हम अपने 1 साल के बच्चे के साथ यात्रा कर रहे थे, जो इस पूरी परेशानी के दौरान रोता रहा। हालात साफ तौर पर बेकाबू होने के बावजूद RPF या रेलवे स्टाफ़ की तरफ से कोई असरदार मदद नहीं मिली। कन्फर्म AC टिकट के लिए पैसे देने का क्या फायदा अगर यात्री अपने कोच में घुस भी न सकें? साथ में दिए गए वीडियो में दिख रहा है कि यात्रियों को किन हालात का सामना करना पड़ा। समय पर स्टेशन पहुंचने के बावजूद हमारी यात्रा छूट गई। हम अधिकारियों से पूरे रिफंड और ज़िम्मेदारी तय करने की मांग करते हैं।
यहां देखें शख्स का बनाया वीडियो
नए पोस्ट में शख्स ने क्या बताया?
आपको बता दें कि उसी पोस्ट के नीचे एक और पोस्ट किया है जिसमें शख्स ने अपडेट दिया है। उस पोस्ट में लिखा है, ‘रेलवे की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है, यहां तक कि इस घटना के बारे में एक भी फोन कॉल नहीं आया है। इस बीच, मैंने TDR फाइल किया है और CPGRAMS के जरिए शिकायत भी दर्ज कराई है। अब मैं बस इंतजार कर सकता हूं और देख सकता हूं कि रिफंड मिलता है या नहीं। मेरे और मेरे परिवार को जो परेशानी, असुविधा और मुश्किलों का सामना करना पड़ा, उसे तो छोड़ ही दीजिए, इस समय तो सही रिफंड मिलना भी किस्मत पर निर्भर करता हुआ लग रहा है। सच कहूं तो, यह अनुभव बहुत निराशाजनक रहा।’
यहां देखें शख्स का पोस्ट
नोट: इस खबर में आपको जो भी जानकारी दी गई है वो सोशल मीडिया पर किए गए दावों पर आधारित है और दैनिक उजाला लाइव इनकी पुष्टि नहीं करता है।

