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भीषण बाढ़ से 4000 लोगों की मौत, तानाशाह सरकार ने जिम्मेदार 30 अधिकारियों को दी मौत की सज़ा

  • तानाशाह सरकार ने उन 30 अधिकारियों को फांसी की सज़ा सुनाई है

नई दिल्ली : एशियाई देशों समेत कई देश इन दिनों भीषण बारिश और बाढ़ से जूझ रहे हैं जिसमें हजारों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इसका बड़ा कारण बारिश और बाढ़ (Flood) जैसे हालातों से निपटने को लेकर अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है। मौतें आम लोगों की होती है और जिम्मेदार अधिकारी मौज काटते हैं। लेकिन एक देश ने आम लोगों की मौत पर इन जिम्मेदार लोगों को ऐसी सज़ा सुनाई है, जिसे सुनकर उच्च अधिकारियों की रूह तक कांप गई और कोई भी अब आगे से इस तरह की लापरवाही दिखाने से पहले हजार बार सोचेगा। 

दरअसल ये वाकया सामने आया है उत्तर कोरिया से, वही उत्तर कोरिया जहां के तानाशाह किम जोंग (Kim Jong) हैं। किम जोंग ने अपने 30 अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई है। उत्तर कोरिया (North Korea) में विनाशकारी बाढ़ ने उत्तरी-पश्चिमी प्रांत चागांग प्रांत के कुछ हिस्सों को तबाह कर दिया। इसमें 4,000 से ज्यादा उत्तर कोरियाई लोग मारे गए थे। तानाशाह किम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। इस दौरान बाढ़ की भयावहता को देखकर बेहद नाराज हुए। इसके बाद उन्होंने तुरंत बाढ़ में लापरवाही बरतने के आरोप में 30 अधिकारियों को फांसी की सजा दे दी। 

किम जोंग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा

रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ कोरिया में किन अधिकारियों को फांसी दी गई, अब तक उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ आपदा के दौरान एक आपातकालीन बैठक में किम जोंग उन ने जिन नेताओं को बर्खास्त किया था, उनमें 2019 से चागांग प्रांत की प्रांतीय पार्टी समिति के सचिव कांग बोंग-हून भी शामिल थे। बोंग-हून ने किम जोंग के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले भी दर्ज थे।

4000 लोगों की मौत, 15 हजार से ज्यादा लोग बेघर

वहीं, किम जोंग उन ने अधिकारियों से उन लोगों को सख्ती से दंडित करने को कहा, जो आपदा को रोकने की अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर पाए। इस बाढ़ में लगभग 4,000 लोगों की जान चली गई थी और 15,000 से अधिक लोग बेघर हो गए थे।

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