Breaking
Tue. Mar 31st, 2026

गिर वन्यजीव अभयारण्य में PM मोदी ने जंगल सफारी का उठाया लुत्फ, सामने आईं तस्वीरें

दैनिक उजाला, गुजरात : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर सोमवार की सुबह गुजरात के जूनागढ़ जिले में गिर वन्यजीव अभयारण्य में जंगल सफारी का आनंद लिया।

  • सोमनाथ से आने के बाद पीएम मोदी ने सासण में वन अतिथि गृह ‘सिंह सदन’ में रात्रि विश्राम किया। उन्होंने रविवार शाम को सोमनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की थी। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से सबसे पहला ज्योतिर्लिंग है। सोमनाथ से आने के बाद पीएम मोदी ने सासण में वन अतिथि गृह ‘सिंह सदन’ में रात्रि विश्राम किया। उन्होंने रविवार शाम को सोमनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की थी। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से सबसे पहला ज्योतिर्लिंग है।
  • ‘सिंह सदन’ से प्रधानमंत्री जंगल सफारी पर गए, उनके साथ कुछ मंत्री और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी थे। गिर वन्यजीव अभयारण्य के मुख्यालय सासण गिर में पीएम मोदी, राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की सातवीं बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। ‘सिंह सदन’ से प्रधानमंत्री जंगल सफारी पर गए, उनके साथ कुछ मंत्री और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी थे। गिर वन्यजीव अभयारण्य के मुख्यालय सासण गिर में पीएम मोदी, राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की सातवीं बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।
  • एनबीडब्ल्यूएल में 47 सदस्य हैं, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं। बैठक के बाद मोदी सासण में कुछ महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगे। एनबीडब्ल्यूएल में 47 सदस्य हैं, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं। बैठक के बाद मोदी सासण में कुछ महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगे।
  • PM मोदी ने गिर वन्यजीव अभयारण्य में कई तस्वीरें भी खीचीं। इसमें उन्होंने शेरों की भी तस्वीरें खीचीं, जिन्हें शेयर किया गया है।PM मोदी ने गिर वन्यजीव अभयारण्य में कई तस्वीरें भी खीचीं। इसमें उन्होंने शेरों की भी तस्वीरें खीचीं, जिन्हें शेयर किया गया है।
  • एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए ‘प्रोजेक्ट लॉयन’ के तहत 2,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। इन शेरों का एकमात्र निवास स्थान गुजरात है। एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए ‘प्रोजेक्ट लॉयन’ के तहत 2,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। इन शेरों का एकमात्र निवास स्थान गुजरात है।
  • विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्तमान में, एशियाई शेर गुजरात के नौ जिलों के 53 तालुकाओं में लगभग 30,000 वर्ग किलोमीटर में निवास करते हैं।  विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्तमान में, एशियाई शेर गुजरात के नौ जिलों के 53 तालुकाओं में लगभग 30,000 वर्ग किलोमीटर में निवास करते हैं।
  • इसके अलावा, एक राष्ट्रीय परियोजना के तहत जूनागढ़ जिले के न्यू पिपल्या में 20.24 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर वन्यजीवों के चिकित्सीय निदान एवं रोग से बचाव के लिए एक ‘राष्ट्रीय रेफरल केंद्र’ स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, एक राष्ट्रीय परियोजना के तहत जूनागढ़ जिले के न्यू पिपल्या में 20.24 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर वन्यजीवों के चिकित्सीय निदान एवं रोग से बचाव के लिए एक ‘राष्ट्रीय रेफरल केंद्र’ स्थापित किया जा रहा है।
  • विज्ञप्ति में कहा गया है कि संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के वास्ते सासण में वन्यजीव निगरानी के लिए उच्च तकनीक से युक्त निगरानी केंद्र और एक अत्याधुनिक अस्पताल भी स्थापित किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के वास्ते सासण में वन्यजीव निगरानी के लिए उच्च तकनीक से युक्त निगरानी केंद्र और एक अत्याधुनिक अस्पताल भी स्थापित किया गया है।
  • पीएम मोदी ने रविवार को रिलायंस जामनगर रिफाइनरी परिसर में स्थित पशु बचाव, संरक्षण और पुनर्वास केंद्र ‘वनतारा’ का भी दौरा किया। यह बचाव केंद्र बंदी हाथियों और वन्यजीवों के कल्याण के लिए समर्पित है, जो दुर्व्यवहार और शोषण से बचाए गए जानवरों को शरण, पुनर्वास और चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है। पीएम मोदी ने रविवार को रिलायंस जामनगर रिफाइनरी परिसर में स्थित पशु बचाव, संरक्षण और पुनर्वास केंद्र ‘वनतारा’ का भी दौरा किया। यह बचाव केंद्र बंदी हाथियों और वन्यजीवों के कल्याण के लिए समर्पित है, जो दुर्व्यवहार और शोषण से बचाए गए जानवरों को शरण, पुनर्वास और चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *