दैनिक उजाला, मथुरा : बलदेव क्षेत्र में विद्युत तारों से निकली चिंगीरा से गेहूं की फसल में आग लग गई। आग पर जब तक काबू पाया गया, तब तक 50 बीघा फसल जलकर राख हो गई।
मथुरा के बलदेव की गांव नगला मोहन और जुगसना में शुक्रवार को दोपहर में जर्जर विद्युत तारों के आपस में टकरा जाने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। अग्नि ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग चारों ओर खेतों में फैलती चली गई, जिससे लगभग 50 बीघा गेहूं के खेतों में आग लगने से गेहूं की फसल पूरी तरह खाक हो गई। किसान पूरी तरह बर्बाद हो गए। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।

नगला मोहन के किसान बृजमोहन पुत्र प्रेम नारायण, राजवीर सिंह पुत्र गिरिराज सिंह, महावीर सिंह पुत्र गिरिराज सिंह अमर सिंह पुत्र रोशन लाल, बलवीर सिंह आदि किसानों के खेतों में 50 बीघा खड़ी फसल गेहूं की जलकर नष्ट हो गई। लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। ग्रामीण मौके पर काफी संख्या में पहुंच गए। आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन हवा तेज चलने के कारण सूखी फसल होने से गेहूं के खेतों में आग विकराल रूप धारण करती चली गई।
आग लगने से फसल पूरी तरह चौपट हो गई। पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड भी पहुंची लेकिन तब तक आग से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। मौके पर पहुंचे ब्लॉक प्रमुख प्रतीक सिंह भरंगर ने निरीक्षण किया। एसडीएम व तहसीलदार को सूचना देकर शीघ्र मुआवजे की मांग की। इस दौरान उमेश चौधरी, कृष्णवीर सिंह, हरपाल सिंह, केदारी प्रधान ने बताया आग काफी विकराल थी, जिस पर बड़ी मुश्किल से काबू पाया गया।
नोहझील थाना क्षेत्र के गांव मानाघड़ी में एक बड़ा हादसा

मथुरा के नोहझील थाना क्षेत्र के गांव मानाघड़ी में एक बड़ा हादसा हुआ है। किसान जीतू सिंह के खेत में हाई वोल्टेज तार टूटकर गिरने से गेहूं की फसल में आग लग गई। जैसे ही खड़ी फसल में आग लगने की सूचना किसानों तक पहुंची तो सैकड़ो की संख्या में किस घटना स्थल की ओर दौड़ गए और आसपास के किसानों और ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पानी और ट्रैक्टरों की मदद से आग पर काबू पाया। इससे अन्य खेतों को नुकसान होने से बचा लिया गया।
ग्रामीण लोहरे सिंह मास्टर ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हाई वोल्टेज लाइन के तार जर्जर हालत में हैं। बिजली के खंभे भी काफी दूर-दूर लगे हैं। इससे तारों पर अधिक दबाव पड़ता है। ग्रामीण देवेंद्र सिंह और छोटू ने बताया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
किसान सुभाष चौधरी ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। उन्होंने बिजली विभाग से तत्काल कार्रवाई की अपील की है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम महावन ने लेखपाल को मौके पर भेजा। नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।
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किसान की आर्थिकी स्थिति पहले से ही खराब है, कभी प्राकृतिक आपदा किसान की कमर तोड़ देती है, तो कभी सिस्टम की लापरवाही। हर साल बिजली विभाग की लापरवाही के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ जाती हैं। जर्जर लाइनों के ढीले तारों में फाल्ट होने के कारण आग लगने से किसानों के खून पसीने की गाढ़ी कमाई राख में तब्दील हो जाती है। बिजली विभाग मेंटेनेंस के नाम पर खाना पूर्ति करता है। गर्मियों से पहले जर्जर लाइनों को बदलने, खराब, टूटे इंसुलेटरों को बदलने एवं ढीले तारों एवं तारों के ऊपर पेड़ों की टहनियों को काटने के लिए बार बार कहने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। सरकार को चाहिए कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए जिनके क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं हों। इसके अलावा पीड़ित किसान को तत्काल पचास हजार रुपए एकड़ मुआवजा दिया जाए।
रामवीर सिंह तोमर
प्रवक्ता उत्तर प्रदेश
मंडल अध्यक्ष आगरा
भाकियू चढूनी

