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एसई देहात फोन नहीं उठातेः एसडीओ गंभीर नहीं, जेई ले रहे हल्के में, आखिर किसे बताऐं समस्याएं

  • हर दिन परेशान कर रही बिजली, विद्युत अधिकारी सुनने को तैयार नहीं
  • चीफ इंजीनियर से लोगों ने विद्युत व्यवस्था में सुधार और एसडीओ-जेई के स्थानांतरण की मांग की

दैनिक उजाला, बलदेव : बलदेव की विद्युत व्यवस्था आये दिन लचर हो रही है। पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी हाल ए बेहाल है। एसडीओ गंभीर नहीं हैं। जेई को अधिक समय होने के कारण वह व्यवस्थाओं को हल्के में ले रहे हैं। एसई देहात फोन नहीं उठाते हैं। अब लोगों ने चीफ इंजीनियर से विद्युत व्यवस्था में सुधार और एसडीओ जेई के स्थानांतरण की मांग की है।

हर दिन विद्युत कटौती ने हाल बेहाल कर रखा है। एसडीओ-जेई सिर्फ विद्युत चोरी के निरीक्षण पर निकलते हैं वह भी किसी शिकायत पर। इसके अलावा उन्हें समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। बिजली कब जा रही है और कब आ रही है। इस संबंध में एसडीओ जेई को पता ही नहीं। पिछले कई दिन से हर 5 मिनट में बिजली ट्रिपिंग ले रही है। इस संबंध में वाट्सएप तथा कॉल के माध्यम से एसडीओ और जेई को बताया जाता है तो कोई समाधान नहीं होता है।

एसई देहात को इस समस्या के समाधान के लिए कॉल किया जाय तो वह सरकारी फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते। यानि विद्युत उपभोक्ताओं की समस्या एसई देहात के लिए कुछ नहीं है। यही कारण है कि वह फोन नहीं उठाते।

स्थानीय सुजीत वर्मा कहते हैं कि स्थानीय उपकेन्द्र के अधिकारियों का लचीलापन बलदेव वासियां लिए मुसीबत बनकर खड़ा हुआ है। चीफ इंजीनियर को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।

गोपाल पांडेय कहते हैं कि एसई देहात को विद्युत समस्याओं से रात्रि को अवगत कराया गया, तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। यानि वह विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनना ही पसंद नहीं करते हैं। घंटो-घंटो बिजली गुल होना वह तीर्थ नगरी में। यह बलदेव वासियों का दुर्भाग्य अधिकारियों के लचीलेपन के कारण।

बलदेव विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पांडेय कहते हैं कि सैकड़ों बार जेई को विद्युत सुधार के लिए बोला है वह सिर्फ अपनी गाथा गाते हैं। सबसे बड़ी समस्या है कि जेई को अधिक समय हो गया है और वह समस्याएं झेलना जानते हैं, लेकिन समाधान नहीं। एसडीओ सिर्फ विद्युत चोरी की चेकिंग पर जा सकते हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान हेतु निरीक्षण के लिए नहीं। आखिर क्यों इन अधिकारियों के लचीलेपन को बलदेव वासी झेलें?

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