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ट्रम्प बोले- भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा:भारतीय PM ने भरोसा दिया

  • राहुल गांधी बोले – प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति से डर गए

वॉशिंगटन डीसी : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी मेरे दोस्त हैं। हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।

भारत के रूस से तेल खरीदने से मुझे खुशी नहीं थी लेकिन आज उन्होंने (पीएम मोदी) मुझे भरोसा दिया कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। अब हमें चीन से भी यही करवाना होगा। दरअसल, अमेरिका अगस्त 2025 में भारत पर रूस से तेल खरीदने की वजह से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगा चुका है। इससे पहले उसने 25% रेसिप्रोकल यानी जैसे को तैसा टैरिफ लगाया था। इससे भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया है।

वहीं, ट्रम्प के इस दावे के बाद भारत में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पीएम पर 5 आरोप लगाए हैं। उन्होंने X पर लिखा-

पीएम डर गए हैं

  • ट्रम्प को फैसला और ऐलान करने देते हैं कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा
  • बार-बार अनदेखी होने के बाद भी ट्रम्प को बधाई संदेश भेजते रहते हैं।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अमेरिका यात्रा रद्द कर दी।
  • खुद मिस्र के शर्म अल-शेख समिट में शामिल नहीं हुए।
  • ऑपरेशन सिंदूर पर ट्रम्प के बयानों का विरोध भी नहीं करते हैं।

ट्रम्प बोले- मोदी मुझसे प्यार करते हैं

ट्रम्प ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए यह भी कहा कि, हाल में भारत में अमेरिकी राजदूत बनने जा रहे सर्जियो गोर और पीएम मोदी की मुलाकात हुई थी।

इस मीटिंग के बाद सर्जियो ने मुझे बताया कि, वे (मोदी) ट्रम्प से प्यार करते हैं, हालांकि मैं चाहूंगा कि यहां प्यार शब्द का गलत मतलब न निकालें, मैं किसी का पॉलिटिकल करियर खराब नहीं करना चाहता।

मैंने सालों से भारत को देखा है, वहां हर साल सरकार बदल जाती है। मेरे दोस्त (मोदी) लंबे समय से वहां पर हैं। उन्होंने भरोसा दिया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। हालांकि वे इसे तुरंत रोक नहीं सकते, लेकिन इसका एक प्रोसेस है जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।

ट्रम्प के दावे पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत तेल और गैस का बड़ा खरीदार है। जनता के हितों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता रही है। हमारी आयात नीतियां इसी मकसद को पूरी करती हैं। ऊर्जा नीति के दो लक्ष्य हैं, पहला स्थिर कीमतें तय करना और दूसरा सुरक्षित आपूर्ति बनाए रखना।’

जायसवाल ने आगे कहा, ‘इसके लिए हम ऊर्जा स्रोतों को व्यापक बनाते हैं और बाजार स्थितियों के अनुसार विविधता लाते हैं। जहां तक अमेरिका का सवाल है, हम कई सालों से अपनी ऊर्जा खरीद का विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले दशक में इसमें लगातार प्रगति हुई है।’

उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रशासन ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने में रुचि दिखाई है। इस पर चर्चाएं जारी हैं।

रूस बोला- तेल आपूर्ति भारत के लिए फायदेमंद

भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने ट्रम्प के भारत को लेकर किए गए दावे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “भारत को रूसी तेल की आपूर्ति के मामले में निरंतर सहयोग चल रहा है। मुझे लगता है कि हम भारत के साथ इस क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा जारी रखेंगे।”

उन्होंने कहा, “जहां तक भारत और अमेरिका के संबंधों का सवाल है, हम उनमें हस्तक्षेप नहीं करते हैं। यह भारत और अमेरिका के बीच का मामला है। भारत का हमारे साथ द्विपक्षीय संबंध है।”

डेनिस अलीपोव ने यह भी कहा कि रूस की तेल आपूर्ति भारतीय अर्थव्यवस्था और भारतीय लोगों के बहुत फायदेमंद है

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