दैनिक उजाला, मथुरा : संत प्रेमानंद महाराज बुधवार को मथुरा के बलदेव स्थित ब्रज के राजा ठाकुर श्री दाऊजी महाराज के दरबार पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर परिसर में एकत्रित हो गए। पूरा बलदेव प्रांगण ‘राधे-राधे’ और ‘दाऊजी महाराज की जय’ के जयघोष से गूंज उठा।
महाराज के पहुंचने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। भारी भीड़ के कारण मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसे पुलिस और स्वयंसेवकों की मदद से नियंत्रित किया गया। संत प्रेमानंद महाराज को सुरक्षित रूप से मंदिर के गर्भगृह तक ले जाया गया, जहां उन्होंने दाऊजी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
भारी भीड़ के कारण मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसे पुलिस और स्वयंसेवकों की मदद से नियंत्रित किया गया।
प्रेमानंद महाराज ने मंदिर के सेवायत रामनिवास शर्मा से भेंट की
दर्शन के बाद प्रेमानंद महाराज ने मंदिर के सेवायत दामोदर शर्मा और पुजारी रामनिवास शर्मा से भेंट की। पुजारी रामनिवास शर्मा ने विधिवत पूजा कराई और महाराज को अंगवस्त्र व प्रसाद भेंट किया। इस दौरान सेवायत दामोदर ने प्रेमानंद महाराज को दाऊजी महाराज के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी।
सेवायत दामोदर ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ जी महाराज का यह भव्य मंदिर है। दाऊजी महाराज को बृज के राजा और हलधर के नाम से भी जाना जाता है।

बलदेव में प्रेमानंद महाराज के आगमन से श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण बन गया। पुष्पवर्षा कर प्रेमानंद महाराज जी का स्वागत किया गया।
इससे पहले राधा के दर्शन करने बरसाना गए थे
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले प्रेमानंद महाराज नंदगांव और बरसाना भी गए थे, जहां उन्होंने राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की थी। वर्तमान में उनका पद यात्रा कार्यक्रम स्थगित बताया जा रहा है, लेकिन उनके दर्शन के लिए भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
बलदेव में प्रेमानंद महाराज के आगमन से श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण बन गया। हजारों भक्तों ने दाऊजी महाराज के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। प्रेमानंद महाराज के मंदिर प्रांगण में पहुंचते ही मंदिर की छतें भी भक्तों और श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गईं।

