भरतपुर : भरतपुर में बिछड़े भाई-बहन डेढ़ साल बाद मिले, तो गले लगकर फूट-फूट कर रोने लगे। इस बीच युवक के परिजन उसे मृत समझकर हताश हो चुके थे। लेकिन आज परिवार वालों के चेहरों पर फिर खुशी के आंसू दिखाई दिए।

अपना घर आश्रम के सचिव बसंत लाल गुप्ता ने बताया- आज डेढ़ साल बाद अपना घर आश्रम में एक बहन, अपने भाई से मिली। दोनों गले लगकर रोने लगे। उमेश निवासी नैनीताल (उत्तराखंड) मानसिक रूप से बीमार होने के कारण साल मई 2024 में घर से निकल गया था। उमेश की मां और बहन ने उसकी हर जगह तलाश की, लेकिन उमेश का कुछ पता नहीं लगा।

इलाज के बाद हालत में सुधार हुआ, तो पता बताया उमेश का रेस्क्यू जोधपुर अपना घर आश्रम में किया गया। इसके बाद उमेश को इलाज के लिए 22 मई 2025 को भरतपुर के अपना घर आश्रम लाया गया। वहां उमेश का लगातार इलाज किया गया, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। कुछ दिन पहले उमेश ने अपने परिवार के बारे में जानकारी बताई।

उमेश से मिलने के बाद मां और बहन भावुक हो गई।

उमेश से मिलने के बाद मां और बहन भावुक हो गई।

परिवार को लगा उमेश की मौत हो चुकी है

अपना घर आश्रम की पुनर्वास टीम ने उमेश के परिजनों से संपर्क किया तो परिजनों ने बताया कि वे उमेश को मरा हुआ समझ रहे थे। जब उमेश की बहन प्रेमा देवी को यह पता लगा की उसका भाई जिंदा है तो घर में खुशियां लौट आईं। आज उमेश की बहन और मां तारा देवी उमेश को लेने के लिए भरतपुर के अपना घर आश्रम में पहुंची।

जैसे ही उमेश की बहन प्रेमा देवी ने अपने भाई को देखा तो वह अपने भाई के गले लगकर रोने लगी।

प्रेमा देवी ने बताया- जब भाई घर से निकल गया था तो मां और मैंने मिलकर इसको सभी जगह तलाश किया। जब उमेश कहीं नहीं मिला तो, हमने अपने स्थानीय थाना लालकुआं, नैनीताल में उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज करवाई थी। उमेश के मिलने की उम्मीद हम छोड़ चुके थे, लेकिन आज भाई के मिलने से मेरे और मेरी मां के जीवन में फिर से खुशहाली आई हैं।

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