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संस्कृति इंडस्ट्री टेक कॉन्क्लेव को मिली बहुउद्देशीय सफलता

मथुरा : संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में मंथन इंडिया: इंडस्ट्री-टेक कॉन्क्लेव 2025 के चरणबद्ध सेशनों में जहां एक ओर इनोवेशन मॉडल, फंडिंग के तरीके, मार्केट एक्सेस स्ट्रैटेजी और नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए उपलब्ध पॉलिसी सपोर्ट के बारे में विस्तार से बताया गया तो वहीं एक सेशन भविष्य की वर्कफोर्स क्षमताओं को बनाने और एग्री-टेक में तरक्की को तेज़ करने में उभरती टेक्नोलॉजी की बदलाव लाने वाली भूमिका पर फोकस था।

मंथन का महत्वपूर्ण दूसरा सेशन ‘स्टार्ट-अप इनोवेशन – भारत के टेक एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम’ को बढ़ावा देने से जुड़ा हुआ था। इस सेशन में एक्सपर्ट्स का एक जाना-माना पैनल, जिन्होंने भारत के तेज़ी से बढ़ते स्टार्ट-अप इकोसिस्टम पर बात की। चर्चा में इनोवेशन मॉडल, फंडिंग के तरीके, मार्केट एक्सेस स्ट्रैटेजी और नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए उपलब्ध पॉलिसी सपोर्ट शामिल थे। इस सेशन में टेन एक्स ग्रोथ सोल्युशन की फाउंडर सुश्री रुचिता अग्रवाल, जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) जैव प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार की सीनियर मैनेजर डा. प्राची कौशिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग(डीएसटी) के प्रोजेक्ट कंसल्टेंट मनु अहूजा, नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज(एनएएसएससीओम) रीजनल हेड अंकित सिन्हा जैसे जाने माने विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को विस्तार से समझाया कि इनोवेशन, टेक्नोलाजी और पालिसी भारत उद्यमी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक साथ काम करते हैं।

तीसरे सेशन में एग्री-टेक इनोवेशन में रीस्किलिंग, अपस्किलिंग और एआई-रेडी वर्कफोर्स बनाने में कैसे मदद करते हैं। यह सेशन भविष्य की वर्कफोर्स क्षमताओं को बनाने और एग्री-टेक में तरक्की को तेज़ करने में उभरती टेक्नोलॉजी की बदलाव लाने वाली भूमिका पर केंद्रित था। चर्चा एआई-ड्रिवन स्किल डेवलपमेंट के महत्व, खेती में डिजिटल टूल्स के इंटीग्रेशन और तेज़ी से बदलते जॉब मार्केट में लगातार सीखने की ज़रूरत पर केंद्रित थी। इस सेशन को आईआईटी रुड़की के गोल्ड मेडलिस्ट आटोमोटिव एक्सपर्ट प्रभात खरे, फ्रेटबाक्स के फाउंडर आशीष गुप्ता, बायर क्राप साइंस लिमिटेड, रेगुलेटरी एडवोकेसी और साइंटिफिक अफेयर्स के विशेषज्ञ पीजे सुरेश, इंडिया मार्ट के असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट अविनाश जैसे दिग्गजों ने अपने संबोधन से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत किया। उनके नज़रिए ने भारत के भविष्य के विकास के लिए ज़रूरी टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट के मेल पर ज़ोर दिया।

मंथन इंडिया इंडस्ट्री-टेक कॉन्क्लेव 2025 ने इनोवेशन और स्किल-बेस्ड एजुकेशन के लिए एक कैटलिस्ट के तौर पर संस्कृति यूनिवर्सिटी के इरादों को फिर से जाहिर किया। सरकारी विभागों के साथ-साथ इंडस्ट्री और अकादमी के एक्सपर्ट्स की एक्टिव भागीदारी के साथ, इस कॉन्क्लेव ने विद्यार्थियों को आइडिया, कोलेबोरेशन और स्टार्ट-अप ग्रोथ के लिए एक प्रभावशाली प्लेटफॉर्म दिया।

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