मथुरा : मथुरा में शनिवार देर रात तोड़े गए अधिवक्ताओं के चैंबरों को लेकर वकीलों में आक्रोश है। वकीलों ने कलेक्ट्रेट पर एकत्रित होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में पहुंचे वकील प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट पर डीएम चंद्र प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने वकीलों को समझाने की बहुत कोशिश की। लेकिन वकीलों ने उनकी एक न सुनी। विरोध में वकील सिटी मजिस्ट्रेट चोर है के नारे लगा रहे हैं। वकीलों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना सूचना या नोटिस दिए उनके चैंबर ध्वस्त किए हैं।

कलेक्ट्रेट पर पुलिस फोर्स तैनात, वकीलों का प्रदर्शन।

सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ नारे लगाते गुस्साए वकील।
बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव गोपाल गौतम ने कहा- हमारे सिटी मजिस्ट्रेट महोदय सरकारी पद पर होने का फायदा उठा रहे हैं। वो गुंदागर्दी करने पर अमादा हैं। उनके द्वारा हमारे कम से कम 3000 वकीलों के चैंबरों को तोड़वा दिया। उनके सामान चोरी करके ले गए। रात को उन्होंने कार्रवाई क्यों की। दिन में करते न। उनको इस करतूत का परिणाम भुगतान पड़ेगा।
जब तक प्रशासन के द्वारा वकीलों के चैंबर फिर से बनवा नहीं दिए जाएंगे, और सिटी मजिस्ट्रेट का यहां से तबादला नहीं होगा। तब तक वकीलों का धरना प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।
500 वकीलों के करीब 200 से अधिक चेंबर हैं
पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष ठाकुर मदन गोपाल सिंह ने कहा कि एडीएम फाइनेंस पंकज वर्मा के माध्यम से डीएम ने अधिवक्ताओं को वार्ता करने के लिए बुलाया है इसी को लेकर जा रहे हैं।
उनकी मांग है कि जो अधिवक्ताओं के चेंबर तोड़े गए हैं उन्हें पुणे से बनाया जाए। यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो यह आंदोलन लंबे समय तक चलेगा और फिर से सड़क पर उतरकर प्रदर्शन होगा।
डीएम कार्यालय पर हंगामा
डीएम कार्यालय से बाहर वार्ता करने पर अड़े वकील।
मथुरा डीएम को ट्रांसफर हो, 3000 वकीलों के चैंबर तोड़े
मथुरा बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव गोपाल गौतम ने कहा- हमारे सिटी मजिस्ट्रेट महोदय सरकारी पद पर होने का फायदा उठा रहे हैं। वो गुंदागर्दी करने पर अमादा हैं।
उनके द्वारा हमारे कम से कम 3000 वकीलों के चैंबरों को तोड़वा दिया। उनके सामान चोरी करके ले गए। रात को उन्होंने कार्रवाई क्यों की। दिन में करते न।
जब चैंबर बनने थे, तब क्यों रोका आपने। चैंबर के लिए हमने लखनऊ तक दौड़ा-भागी की। नक्शा तक सब कुछ हो गया है। उसके बाद भी डीएम ने चैंबरों के बनने पर रोक लगा दी।
और अब चैंबर भी तोड़ दिए। उनको इस करतूत का परिणाम भुगतान पड़ेगा। वकील एकता जिंदाबाद के नारे लगते रहेंगे।
जब तक प्रशासन के द्वारा वकीलों के चैंबर फिर से बनवा नहीं दिए जाएंगे, और सिटी मजिस्ट्रेट का यहां से तबादला नहीं होगा। तब तक वकीलों का धरना प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।
WE WANT JUSTICE के नारे लगाए

