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Wed. Mar 4th, 2026

शाह के संभावित दौरे से पहले 150 कमांडो मथुरा पहुंचे:बांके बिहारी मंदिर घेरा, IED ब्लास्ट के बाद रेस्क्यू; मॉक ड्रिल

मथुरा : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का मथुरा आ सकते हैं। हालांकि, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं आई है। इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने मॉक ड्रिल की। 150 से अधिक NSG कमांडों हथियार लेकर आधी रात बांके बिहारी मंदिर पहुंचे। इलाके की लाइट काट दी गई।

NSG कमांडो ने मंदिर को चारों तरफ से घेर लिया। कोने-कोने की तलाशी ली गई। आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की गई। संदिग्धों को पकड़ा गया। IED ब्लास्ट होने पर तत्काल कैसे राहत पहुंचाई जाए, इसकी प्रैक्टिस की गई। फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस को फोन कर बांके बिहारी मंदिर में ब्लैक आउट की जानकारी दी गई।

सूचना मिलने के 10 मिनट के अंदर ही फायर ब्रिगेड की टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। स्ट्रेचर से एक घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस तक लाया गया। करीब 6 घंटे तक ऑपरेशन चला। उसके बाद टीम वापस लौट गई। इस दौरान मंदिर परिसर पर गहमागहमी बनी रही।

मॉक ड्रिल के दौरान बांके बिहारी मंदिर और इसके आस पास के इलाकों में लाइट काट दी गई।

मॉक ड्रिल के दौरान बांके बिहारी मंदिर और इसके आस पास के इलाकों में लाइट काट दी गई।

एनएसजी कमांडो ने 6 घंटे तक मंदिर को चारों तरफ से घेरकर रखा।

एनएसजी कमांडो ने 6 घंटे तक मंदिर को चारों तरफ से घेरकर रखा।

बांके बिहारी मंदिर के अंदर तलाशी लेते एनएसजी के कमांडो।

बांके बिहारी मंदिर के अंदर तलाशी लेते एनएसजी के कमांडो।

स्ट्रेचर से घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस तक लाते सुरक्षाकर्मी।

स्ट्रेचर से घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस तक लाते सुरक्षाकर्मी।

  • रात 10 बजे बांके बिहारी मंदिर में ब्लैकआउट: रात में करीब 10 बजे NSG की टीम 15 गाड़ियों से बांके बिहारी मंदिर पहुंची। फोन कर इलाके की लाइट कटवाई गई। बांके बिहारी मंदिर के पूरा इलाके में ब्लैकआउट कर दिया गया। कमांडो ने मंदिर परिसर को चारों तरफ से घेर लिया।
  • आतंकी हमले का सीन रिक्रिएट किया: मॉकड्रिल के दौरान एक काल्पनिक आतंकी हमले का सीन रिक्रिएट किया गया। दिखाया गया कि चार लोग गोली लगने से घायल हो गए। NSG कमांडोज ने तीन गंभीर घायलों को स्ट्रेचर के जरिए एम्बुलेंस तक पहुंचाया। एक घायल का प्राथमिक इलाज मंदिर परिसर के भीतर ही किया गया। इस दौरान फायर ब्रिगेड विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें भी मौके पर मुस्तैद रही।
  • मंदिर में हर संदिग्ध चीज की तलाशी: श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने के बाद कमांडोज ने मंदिर, प्रवेश और निकास द्वार चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। देखा गया कि कोई संदिग्ध वस्तु मंदिर में छिपाकर रखी तो नहीं गई है। इसके बाद गलियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। आने जाने वाले लोगों से पूछताछ की।
मॉक ड्रिल की सूचना मिलने के 10 मिनट के अंदर ही फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई।

मॉक ड्रिल की सूचना मिलने के 10 मिनट के अंदर ही फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई।

सुबह 3 बजे वापस लौटे कमांडो, 6 घंटे चला ऑपरेशन

रात में करीब 3 बजे ऑपरेशन खत्म हुआ। 6 घंटे तक ये ऑपरेशन चला। उसके बाद टीम वापस लौटी। सूत्रों के मुताबिक, शाह के संभावित दौरे और नए साल के बाद से मथुरा आने वाले पर्यटकों की बढ़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं।

रोजाना बड़ी तादाद में श्रद्धालु मथुरा के मंदिरों में दर्शन करने आ रहे हैं। ऐसे में मॉक ड्रिल के जरिए इमरजेंसी वाले हालात से निपटने की तैयारी परखी गई। अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके। रिस्पांस टाइम कम किया जा सके। इसकी पड़ताल के लिए सुरक्षा बलों ने ये ऑपरेशन चलाया।

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