प्रयागराज : प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर डिप्टी सीएम केशव मौर्य की तारीफ की। सोमवार सुबह उन्होंने कहा, “अगर केशव मौर्य का बस चलता तो वो कब का हमें नहलाकर चले गए होते। उनको डांटा जा रहा है। यहां आने नहीं दिया जा रहा है। एक समझदार नेता को दबा दिया गया।”
दरअसल, रविवार को केशव मौर्य प्रयागराज पहुंचे। सर्किट हाउस में शंकराचार्य विवाद से जुड़े सवाल पर कहा, “जब मुझसे बात करने को कहा जाएगा, जरूर करूंगा। मैं पूज्य शंकराचार्य से प्रार्थना कर सकता हूं, उनके चरणों में शीश झुकाकर निवेदन करता हूं कि संगम में स्नान कर विवाद खत्म करें।”
माघ मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच 9 दिन से विवाद चल रहा है। कम या खत्म होने की बजाए मामला बढ़ता जा रहा है। रविवार को अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था, “कितना भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा।”
वहीं, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में आ गए। उन्होंने कहा, “किसी व्यक्ति को यह साबित करना पड़े कि वह शंकराचार्य है, इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता है।”

अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने शिविर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया है। अंदर जाने के सभी रास्ते ब्लॉक कर दिए हैं।
अब तक क्या हुआ, जानिए-
18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान के लिए जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर पैदल जाने को कहा। विरोध पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। मारपीट हुई। पुलिस उनकी पालकी खींचकर दूर ले गई। इसके बाद वे शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रशासन ने दो नोटिस दिए। पहले में शंकराचार्य की पदवी लिखने पर और दूसरे में मौनी अमावस्या के दिन हंगामा करने पर सवाल पूछे। चेतावनी दी गई कि माघ मेले से बैन किया जा सकता है। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिसों का जवाब दिया।
24 जनवरी की रात उनके शिविर में कट्टर सनातनी सेना के 8–10 युवक नारे लगाते पहुंचे और घुसने की कोशिश की। ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ और ‘योगी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इस पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- जितना जुल्म होगा, उतनी मजबूती से कदम उठाऊंगा।
अविमुक्तेश्वरानंद बोले- समझदार नेता को दबा दिया गया, उसे डांटा जा रहा
माघ मेला में सोमवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा-सीएम तो उल्टे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। अगर मौर्या जी का वश होता तो वो कब का नहलाकर चले गए होते। ऐसे ही मामला खत्म हो गया होता। लेकिन उनको डांटा जा रहा। उनको आने नहीं दे रहे। उनका कल दूसरा वक्तव्य आ गया कि अगर हमें कहा जाएगा तो हम जाएंगे। एक समझदार नेता था तो उसे दबा दिया गया। धर्मगुरुओं का अपमान करके सत्ता चलाना चाह रहे हैं। इतने बड़े हो गए। बटुकों, संन्यासियों को मार करके राज करेंगे। अगर ऐसे राज करना चाहते हैं तो इसे जनता कैसे स्वीकार करेगी।
सांसद इमरान मसूद बोले-किसी को शंकराचार्य साबित करना पड़े, इससे दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर चल रहे विवाद पर सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा- यह बेहद दुखद है। किसी व्यक्ति को यह साबित करना पड़े कि वह शंकराचार्य है। इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता है। हमारा संविधान हर नागरिक को अपने धर्म को मानने और उसका पालन करने की आजादी देता है। धार्मिक पदों को इस तरह सार्वजनिक बहस का विषय बनाना सही नहीं है।
उन्होंने योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बयानों पर कहा- यही तो समस्या है। एक तरफ कहा जाता है कि लोगों को स्नान के लिए मनाएंगे और दूसरी तरफ टकराव की भाषा इस्तेमाल की जाती है। इस तरह के अलग-अलग संदेश जनता में भ्रम पैदा करते हैं।

