मथुरा : मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज ने खुद स्कूटी चलाई। वो हमेशा की तरह साधना के लिए केलीकुंज आश्रम से यमुना तट के लिए अपनी फॉरच्यूनर कार से निकले थे। बीच रास्ते अचानक उन्होंने कार रुकवा दी और नीचे उतर आए।
प्रेमानंदजी ने उनकी कार के साथ चल रहे स्कूटी सवार सेवादार की तरफ इशारा किया। उससे स्कूटी मांगी। इससे सेवादार और आसपास खड़े लोग भौचक्के रह गए। मुस्कुराते हुए सेवादार ने अपनी स्कूटी महाराजजी को सौंप दी। प्रेमानंदजी स्कूटी पर सवार हुए और चल पड़े।
रेतीले इलाके में करीब 500 मीटर स्कूटी चलाकर यमुना किनारे पहुंचे। इस दौरान सेवक उनके आगे-पीछे दौड़ते दिखाई दिए। भक्त भी उनके पीछे-पीछे दौड़ते रहे। राधे-राधे का जयकारा लगाते रहे। वीडियो बनाते रहे। सेवादारों ने लोगों को वीडियो बनाने रोका। मामला गुरुवार सुबह का है।

प्रेमानंद महाराज अपनी फॉरच्यूनर कार से साधना के लिए आश्रम से निकले थे।

रास्ते में प्रेमानंद महाराज ने कार से उतरकर सेवादार की स्कूटी मांगी और खुद चलाकर आगे बढ़े।

प्रेमानंदजी की स्कूटी के साथ सेवादार दौड़ते नजर आए। कुछ सेवक अपनी बाइक से उनके पीछे-पीछे चलते दिखाई दिए।

प्रेमानंद महाराज की स्कूटी के पीछे चलते उनके सेवक अपनी-अपनी गाड़ियों से चलते रहे।
सोशल मीडिया पर लोग बोले- यह आम दृश्य नहीं
सेवादारों के मना करने के बावजूद कुछ भक्तों ने प्रेमानंदजी का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। यूजर इस पर दिलचस्प कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- एक संत स्कूटी चला रहे हैं, यह आम दृश्य नहीं है। दूसरे ने लिखा- संत को स्कूटी चलाते देखना बहुत ही मजेदार अनुभव है।

संत प्रेमानंद महाराज आश्रम से यमुना तट पर साधना करने के लिए जाते हैं। गुरुवार को भी वो हमेशा की तरह आश्रम से अपनी कार से रवाना हुए।

