- जीएलए में आयोजित आईसीपीसी-एशिया वेस्ट कॉन्टिनेंट चैम्पियनशिप में जुटीं एशिया वेस्ट की श्रेष्ठ प्रोग्रामिंग टीमें
दैनिक उजाला, मथुरा: जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में प्रतिष्ठित आईसीपीसी एडब्ल्यूसी चैम्पियनशिप 2026 का सफल आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता विश्व प्रसिद्ध आईसीपीसी (इंटरनेशनल कॉलेजिएट प्रोग्रामिंग कॉन्टेस्ट) का महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें एशिया वेस्ट क्षेत्र की श्रेष्ठ टीमों ने भाग लिया। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रोग्रामिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सीमित समय में जटिल एल्गोरिदमिक समस्याओं को हल कर अपनी तार्किक सोच, प्रोग्रामिंग स्किल और टीमवर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यह आयोजन छात्रों के लिए वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच बना।
एशिया वेस्ट कॉन्टिनेंट चैम्पियनशिप तक पहुंचने के लिए विभिन्न देशों में क्षेत्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जिनमें बड़ी संख्या में टीमों ने भाग लिया। आधिकारिक रैंकिंग के आधार पर 101 श्रेष्ठ टीमों का चयन एशिया वेस्ट कॉन्टिनेंट चैम्पियनशिप 2026 के लिए किया गया। यह चयन पूर्णत मेरिट, समस्या समाधान क्षमता, सटीकता और समय प्रबंधन के आधार पर किया गया।
इस वर्ष चैम्पियनशिप को मल्टी-साइट कॉन्टेस्ट के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें प्रतियोगिता चार प्रमुख स्थलों-मथुरा (भारत), ढाका (बांग्लादेश), टोपि (पाकिस्तान) और तेहरान (ईरान) में एक साथ आयोजित हुई। सभी स्थानों पर एक ही प्रश्नपत्र और केंद्रीकृत जजिंग सिस्टम के माध्यम से प्रतियोगिता कराई गई, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में भारत और श्रीलंका से चयनित 55 टीमों ने एशिया वेस्ट कॉन्टिनेंट चैम्पियनशिप में भाग लिया। इन 55 टीमों में कुल 165 प्रतिभागी शामिल थे, जो आईआईटी, एनआईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को सीमित समय में जटिल एल्गोरिदमिक समस्याओं को टीम के रूप में हल करना था, जिससे उनकी तार्किक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता और टीमवर्क की वास्तविक परीक्षा हुई।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएलए यूनिवर्सिटी के लिए इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी करना गर्व की बात है। ऐसे आयोजन छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की प्रेरणा देते हैं और तकनीकी उत्कृष्टता को नई दिशा प्रदान करते हैं।
प्रतियोगिता क्षेत्र की बढ़ती तकनीकी क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रतीक
एशिया वेस्ट के निदेशक प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने कहा कि यह प्रतियोगिता क्षेत्र की बढ़ती तकनीकी क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रतीक है। वहीं एसोसिएट आरसीडी मथुरा साइट प्रो. आशीष शर्मा एवं डिप्टी आरसीडी प्रो. रोहित अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
प्रतियोगिता के अंतिम परिणामों में देश के प्रमुख संस्थानों की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रथम स्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीएचयू), वाराणसी की टीम ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली की टीम को मिला, जबकि तृतीय स्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर की टीम ने हासिल किया।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में जेन स्ट्रीट और जेटब्रेन का विशेष सहयोग रहा। इसके अलावा इंटीग्रामाइंड, डिजिटल ट्रैक, सीमलेस इन्फोटेक, ट्रांसॉफ्ट इन्फोटेक तथा डब्ल्यू3ग्रैड्स सहयोगी संस्थाओं के रूप में कार्यक्रम से जुड़े रहे।
आईसीपीसी-एडब्ल्यूसी चैम्पियनशिप 2026 का आयोजन जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी प्रोग्रामिंग के मानचित्र पर और अधिक मजबूत बनाता है तथा युवा इंजीनियरों में नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहित करता है।

