बांसवाड़ा : पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा- एक समय था जब अमेरिका अपनी तकनीक और हथियारों के दम पर दुनिया को नष्ट करने का दंभ भरता था। उसको अपनी टेक्नोलॉजी पर बहुत अभिमान था कि मेरे पास जो हथियार हैं, वे अचूक हैं।
लेकिन, ईरान की नॉलेज और तकनीक के विस्तार ने अमेरिका का वह घमंड आसमान में ही फोड़ दिया। आज अमेरिका चारों खाने चित्त हो गया है।
भारत की परंपरा कभी किसी पर कब्जा करने की नहीं रही है। हम गुणों के आधार पर दुनिया को जीतना चाहते हैं न कि ताकत के आधार पर। लेकिन यदि शत्रु सामने खड़ा हो, तो हमें भी ताकतवर बनना ही होगा।
कटारिया ने यह बात शनिवार को बांसवाड़ा के गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय(GGTU) में कही। कटारिया यहां ‘विकसित भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि थे। विश्वविद्यालय पहुंचने पर राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

जीजीटीयू में पंजाब के राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
कटारिया ने कहा कि गोविंद गुरु यूनिवर्सिटी उदयपुर में बनने वाली थी, लेकिन मुख्यमंत्री से बात करके मैंने गोविंद गुरु की जन्मस्थली वागड़ में बनाने को कहा था।
2047 तक भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने का जो सपना है, उसकी नींव शिक्षक ही रखेंगे। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान न देकर विद्यार्थियों को संस्कारों से भी जोड़ें। बिना बेहतर शिक्षा प्रणाली के किसी भी देश का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।
160 कॉलेज के टीचर्स रहे मौजूद
संगोष्ठी में विश्वविद्यालय से जुड़े 160 कॉलेजों के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार, नए नवाचारों को अपनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर भी विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।

