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ब्रज लोक कला मण्डल ने आयोजित की निःशुल्क ब्रज-सांस्कृतिक कार्यशाला

मथुरा : ब्रज की पावन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने एवं विद्यालयी बालक-बालिकाओं में संस्कार, कला एवं आत्मविश्वास के समग्र विकास हेतु ब्रज लोक कला मण्डल, मथुरा द्वारा गोवर्धन क्षेत्र में निःशुल्क ब्रज-सांस्कृतिक कार्यशाला का भव्य शुभारंभ किया गया है।

संस्था के अध्यक्ष पं.दीपक शर्मा ने बताया कि यह कार्यशाला 15 अप्रैल तक आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का संचालन उच्च प्राथमिक विद्यालय, मुखराई एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, जमुनावता सहित गोवर्धन क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में किया जा रहा है। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा रहे हैं। कार्यशाला में बच्चों को ब्रज की पावन लोक कलाएं, मधुर संगीत, भावपूर्ण नृत्य एवं समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का सजीव एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बालक-बालिका के अंतर्मन में संस्कारों का संचार करना, उनकी प्रतिभाओं को निखारना तथा उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।

संस्था के संरक्षक किशन चतुर्वेदी का मार्गदर्शन इस कार्यशाला की प्रेरणा और आधारशिला है। अपने प्रेरणादायक संदेश में उन्होंने कहा,“बालानां संस्कार, राष्ट्रस्य आधारः” अर्थात् बच्चों में संस्कारों का विकास ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की नींव है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रज की संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को दिशा देने वाली जीवनशैली है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। कार्यशाला का संचालन पं. दीपक शर्मा एवं जागृति पाल के कुशल निर्देशन में किया जा रहा है।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष पं. दीपक शर्मा ने कहा कि ब्रज केवल एक भूमि नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं का जीवंत स्वरूप है। नई पीढ़ी को यदि अपनी जड़ों से जोड़ना है, तो उन्हें ब्रज की लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। हमारा यह प्रयास बच्चों में संस्कार, आत्मविश्वास एवं संस्कृति के प्रति प्रेम जागृत करने का एक विनम्र संकल्प है। संस्कारवान बालक ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

कार्यशाला में सभी विद्यालयों के बालक-बालिकाओं को प्रवेश निशुल्क दिया जा रहा है। संस्था की ओर से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को इस सांस्कृतिक पहल से जोड़ें, जिससे वे ब्रज की गौरवशाली परंपरा से प्रेरणा लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।

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