देहरादून : केदारनाथ यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से लापता हुईं 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह पांच दिन बाद बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिल गई हैं। पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर हरिद्वार के लक्सर थाने पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। थाने में प्रज्ञा का पूरा परिवार भी मौजूद है।
इस पूरे मामले में देहरादून ग्रामीण के एसपी शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि प्रज्ञा के लापता होने की सूचना मिलने के बाद लक्सर थाने में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन रूट के आधार पर कई टीमें बनाकर जांच शुरू की।

फरवरी 2026 प्रज्ञा सिंह ने लव मैरिज की थी।
लक्सर पुलिस कर रही है पूछताछ
एसपी ने बताया कि बुधवार शाम प्रज्ञा ने एक नए नंबर से अपने परिजनों से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन बिहार के बेगूसराय में मिली, जहां पुलिस टीम पहुंची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में प्रज्ञा ने बताया है कि वह किसी बात से नाराज होकर अपनी मर्जी से घर से चली गई थीं। फिलहाल उन्होंने किसी तरह के दबाव या किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका से इनकार किया है। एसपी ने कहा कि दोनों की शादी कुछ समय पहले ही हुई थी और विस्तृत बयान दर्ज होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।
एसपी शेखर चंद्र सुयाल ने कहा कि पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य प्रज्ञा को सकुशल बरामद करना था, जो पूरा हो चुका है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और बयान दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

लक्सर पुलिस प्रज्ञा सिंह से पूछताछ करती हुई।
प्रज्ञा के भाई विभूम ने दैनिक भास्कर संग फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उनकी बहन फिलहाल स्वस्थ दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी प्रज्ञा से पूछताछ कर रही है, जिसके बाद परिवार के लोग उनसे मिल सकेंगे और बातचीत कर पाएंगे।
हालांकि, मामले में अब भी सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर प्रज्ञा ट्रेन से कैसे गायब हुईं और बिहार तक किन परिस्थितियों में पहुंचीं। पुलिस अब उनके बयान के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी।

उत्तराखंड में परिवार ने प्रज्ञा के नाम के पोस्टर तक छपवा दिए।
रात में नींद खुली तो सीट पर नहीं थीं प्रज्ञा
प्रज्ञा सिंह 5 मई की रात अपने पति मनीष के साथ देहरादून से गाजियाबाद जा रही नंदा देवी एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं। पति मनीष के मुताबिक, हरिद्वार तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, इसके बाद उन्हें नींद आ गई।
मनीष ने बताया कि रात में मुजफ्फरनगर के पास उनकी आंख खुली तो प्रज्ञा सीट पर नहीं थीं। शुरुआत में उन्हें लगा कि वह वॉशरूम या किसी दूसरी बोगी में होंगी, लेकिन काफी देर तक तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने पूरी ट्रेन में खोजबीन की।
प्रज्ञा के भाई विभूम के अनुसार, रात करीब 1 बजे मनीष अग्रहरि ने परिवार को फोन कर प्रज्ञा के लापता होने की जानकारी दी। इसके बाद मनीष मुजफ्फरनगर स्टेशन पर उतरे और रेलवे पुलिस से मदद मांगी।
परिवार का आरोप है कि स्टेशन पर CCTV फुटेज देखने की कोशिश की गई, लेकिन वहां कैमरे बंद मिले। बाद में रुड़की स्टेशन पर भी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।

प्रज्ञा के इंस्टाग्राम प्रोफाइल की ली गई उनकी फोटो।
लक्सर के पास मिली आखिरी लोकेशन
परिवार के अनुसार, प्रज्ञा के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन लक्सर के आसपास मिली थी। बताया जा रहा है कि इस रूट पर ट्रेन एक मोड़ के पास धीमी होती है। इसी के बाद परिवार ने हरिद्वार जिले के लक्सर थाने में प्रज्ञा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
भाई विभूम का कहना है कि 6 मई की रात करीब 2 बजे से पूरा परिवार लगातार प्रज्ञा की तलाश में जुटा हुआ है। पुलिस की टीम भी खोजबीन कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
परिवार ने रुड़की से मुजफ्फरनगर के बीच रेलवे ट्रैक पर पैदल चलकर भी तलाश की। कई किलोमीटर तक पुलिस के साथ सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आई। परिवार अब पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर तेजी से कार्रवाई की मांग कर रहा है।
पूरी ट्रेन में तलाश के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
मनीष ने दोनों वॉशरूम चेक किए और आसपास के डिब्बों में भी पूछताछ की, लेकिन प्रज्ञा का कोई पता नहीं चला। उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था। ट्रेन स्टेशन पर रुकी तो वहां भी खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और बाद में मामला रुड़की थाने ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की थी।

हाल ही में प्रज्ञा की शादी बड़े धूमधाम से हुई थी।
सीसीटीवी कैमरे बंद होने से उलझी जांच
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि रुड़की और मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों से कोई फुटेज नहीं मिल सकी। पति मनीष का आरोप था कि दोनों स्टेशनों के कैमरे खराब थे, जिसके चलते यह तक पता नहीं चल सका कि प्रज्ञा ट्रेन से उतरी थीं या नहीं। पुलिस ने किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए रेलवे ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया। कई किलोमीटर तक ट्रैक खंगाले गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
कॉल डिटेल और चैट की जांच भी नहीं दे सकी जवाब
जांच के दौरान पुलिस ने प्रज्ञा के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मैसेज और व्हाट्सऐप चैट भी खंगालीं, लेकिन उनमें किसी संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले। यही वजह रही कि यह मामला धीरे-धीरे ब्लाइंड केस बनता जा रहा था। प्रज्ञा की तलाश में उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और दूसरी एजेंसियों की कई टीमें लगातार काम कर रही थीं।
लगातार 5 दिन की तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में हैं। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया। पति मनीष ने बताया कि पुलिस ने उन्हें सूचना दे दी है और संभावना है कि प्रज्ञा को जल्द लक्सर लाया जाएगा। इसके बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
फिलहाल पुलिस ने प्रज्ञा को अपनी कस्टडी में रखा है और उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनके बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला स्वेच्छा से कहीं जाने का था, किसी दबाव का या इसके पीछे कोई और कारण है। उधर, पिछले पांच दिनों से रुड़की में डेरा डाले परिवार वालों ने राहत की सांस ली है।

