- केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने फरीदाबाद में DISHA बैठक के दौरान यूपी सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की
फरीदाबाद : केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने फरीदाबाद में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक के दौरान यूपी इरिगेशन विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई।
बैठक में मवई गांव के पास रास्ता बंद किए जाने का मामला उठने पर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि बिना स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बातचीत किए किसी भी रास्ते को बंद करना गलत है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर बिना किसी पूर्व चर्चा के लोगों का रास्ता कैसे रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद के अधिकारियों और संबंधित विभागों से पहले समन्वय किया जाना चाहिए था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जबरदस्ती किसी का रास्ता बंद नहीं किया जा सकता।
कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि यदि कहीं अतिक्रमण है तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करे और अतिक्रमण हटाए, लेकिन आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
मंत्री की चेतावनी- लोगों को न हो परेशानी
मंत्री ने कहा कि गांवों के लोग रोज अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचते हैं और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने की सलाह दी।
फरीदाबाद में आयोजित डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमिटी की बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली गई और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
एसडीओ-जेई की मिलीभगत से हो रहे कब्जे
मंत्री ने HSVP अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि कई जगहों पर SDO और JE की मिलीभगत से अवैध कब्जे करवाए जाते हैं और बाद में उनसे मंथली वसूली की जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में बार-बार कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहां संबंधित SDO और JE के खिलाफ चार्जशीट की कार्रवाई की जाए।
साथ ही जहां-जहां अवैध कब्जे हैं, उन्हें तुरंत खाली करवाकर जमीन FMDA को हैंडओवर की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा कहीं कब्जा होता है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए FIR भी दर्ज करवाई जाए।

