- प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड में बदलने पर उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी राशि ली जाएगी
दैनिक उजाला, मथुरा : उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक ने विभागीय आदेश जारी कर दिया है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड में बदला जा रहा है। जिले में 1 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए थे, जो अब पोस्टपेड में परिवर्तित हो रहे हैं। प्रीपेड मोड में परिवर्तन के बाद उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि समायोजित कर दी गई थी।
अब पुन: पोस्टपेड में परिवर्तन होने पर स्वीकृत भार के अनुसार सिक्योरिटी राशि सृजित की जाएगी। इस धनराशि को जून से लेकर तीन मासिक बिलों में जोड़ा जाएगा। जिले में 1 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए थे, जिन्हें पोस्टपेड में परिवर्तित किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक के स्तर से यह बात स्पष्ट कर दी गई है कि प्रीपेड मोड में परिवर्तन के बाद उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि समायोजित कर दी गई थी। अब पुन: पोस्टपेड में परिवर्तन होने पर स्वीकृत भार के अनुसार सिक्योरिटी राशि सृजित की जाएगी।
विभागीय नियमों के अनुसार घरेलू कनेक्शन पर 300 रुपये प्रति किलोवाट, जबकि कमर्शियल कनेक्शन पर 1000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से सिक्योरिटी राशि सृजित की जाएगी। इस धनराशि को जून से लेकर तीन मासिक बिलों में जोड़ा जाएगा।
इसलिए उपभोक्ताओं को आगामी तीन महीने के बिल में सिक्योरिटी राशि भी जमा करनी होगी। विभाग की ओर से बताया गया है कि स्मार्ट पोस्टपेड मोड के बिल उपभोक्ताओं को एसएमएस और वाट्सएप के माध्यम से पहुंचेंगे।
नान कम्युनिकेशन या नेटवर्क की समस्या होने पर अधिकारी यह देखेंगे कि जिन उपभोक्ताओं को पांच तारीख तक आटोमेटिक बिल नहीं पहुंच पाए हैं, उनके मैनुअल रीडिंग लेकर 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से बिल उपलब्ध करवा दें।
हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत मिलने पर भी बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई जा रही है। अब जिन उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन दिए जाएंगे उन्हें पोस्टपेड स्मार्ट मीटर निर्गत किए जाएंगे। उपभोक्ता को बिल जारी कर जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा, उसके बाद सात दिन का डिस्कनेक्शन डेट दिया जाएगा।
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अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि दक्षिणांचल मुख्यालय से प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में परिवर्तित किया जा रहा है। विभाग से गाइड लाइन जारी कर सिक्योरिटी राशि सृजित किए जाने की बात स्पष्ट कर दी गई है।

