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हिमाचल के चीफ सेक्रेटरी बने संजय गुप्ता:रिटायरमेंट से 5 दिन पहले तोहफा, अब तक कार्यवाहक मुख्य सचिव के तौर पर दे रहे थे सेवाएं

शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता को रेगुलर चीफ सेक्रेटरी लगाया है। सेक्रेटरी कार्मिक विभाग ने आज (मंगलवार को) इसे लेकर आदेश जारी कर दिए है। सीएम सुक्खू ने संजय गुप्ता को रिटायरमेंट से पांच दिन पहले यह तोहफा दिया है।

इस नियुक्ति के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार उन्हें सेवाविस्तार दे सकती हैं, क्योंकि संजय गुप्ता 31 मई को रिटायर होने जा रहे हैं। राज्य में नए मुख्य सचिव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थी।। इस बीच सरकार ने साल 1988 बैच के IAS संजय गुप्ता को ही रेलुगर चीफ सेक्रेटरी बनाने का फैसला लिया है।

संजय गुप्ता राज्य के सबसे सीनियर IAS हैं। वह मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं और सात महीने से मुख्य सचिव का कार्यभार संभाल रहे हैं।

संजय गुप्ता के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर

राज्य में संजय गुप्ता को ऐसे वक्त चीफ सेक्रेटरी लगाया है, जब उनके खिलाफ एक याचिका हाईकोर्ट में दायर है और सोलन के चेस्टर हिल मामले में उन पर गंभीर आरोप लगे है। माकपा लगातार संजय गुप्ता को संजय गुप्ता को हटाने की मांग कर रही है।

चेस्टर हिल मामले में भी संजय गुप्ता पर गंभीर आरोप

वहीं संजय गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर बीते सप्ताह ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग रखा है। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर 2025 को एक निर्णय लेकर संजय गुप्ता को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि संजय गुप्ता के खिलाफ पहले से तीन एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं।

याचिका में 9 अक्टूबर 2024 को जारी संशोधित विजिलेंस क्लियरेंस दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया गया है। इन दिशानिर्देशों के अनुसार संवेदनशील पदों पर नियुक्ति से पहले संबंधित अधिकारी की विजिलेंस स्थिति पर विचार करना जरूरी है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में मुख्य सचिव के पद को अत्यंत संवेदनशील पद मान चुका है।

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