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उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी पेपर लीक का आरोपी गिरफ्तार, FIR दर्ज:वॉट्सएप पर पेपर किया था लीक; 22 छात्रों को भेजा था

देहरादून : देशभर में पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बीच अब उत्तराखंड की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटियों में से एक उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) की दो सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गए। यहां यूनिवर्सिटी के कॉलेजों से जुड़े प्रोफेसर वॉट्सऐप पर पेपर बांट रहे थे।

FIR के मुताबिक, 8 जुलाई को ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (IOTT004) की परीक्षा खत्म होने के बाद उसी रात 8:27 बजे यूनिवर्सिटी को एक व्हिसलब्लोअर की ई-मेल मिली थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि 3 जुलाई की रात 11:34 बजे वॉट्सएप ग्रुप पर ‘इंपॉर्टेंट क्वेश्चन’ शेयर किए गए थे, जिनका परीक्षा में आए प्रश्नों से काफी मेल था।

पेपर लीक के मास्टरमाइंड शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वाइस चांसलर तृप्ता ठाकुर ने बताया कि 8 जुलाई की परीक्षा के बाद कुछ छात्रों ने प्रश्नपत्र वॉट्सऐप और सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत की थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच शुरू की।

FIR के अनुसार, शिकायत मिलने पर यूनिवर्सिटी ने स्वतंत्र जांच समिति गठित की, जबकि संस्थान स्तर पर भी आंतरिक जांच कराई गई। दोनों जांच रिपोर्ट में पाया गया कि आरोपी प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सऐप पर प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल साझा कर परीक्षा की गोपनीयता भंग की।

जांच में पता चला कि 24 जून को हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र भी आरोपी प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने ही तैयार किया था और वह भी लीक हुआ। FIR में कहा गया है कि ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ (ECT043) विषय के प्रश्नपत्र में भी इसी तरह गोपनीयता भंग होने की आशंका जांच में सामने आई। इसके बाद दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी गईं।

दोबारा देनी होगी परीक्षा

इस फैसले से प्रदेश के 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। यूनिवर्सिटी की जांच में सामने आया कि देहरादून स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र छात्रों के वॉट्सऐप ग्रुप और एक ऑनलाइन पोर्टल पर शेयर कर दिए।

VC बोलीं- कॉलेज ने प्रोफेसर को नौकरी से निकाला

FIR में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल ने कहा है कि आरोपी प्रोफेसर ने छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी की परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग की।

प्रश्नपत्र उनकी अभिरक्षा में था और उन्होंने उसका दुरुपयोग किया। शिकायत में यह आशंका भी जताई गई है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। पुलिस से सभी पहलुओं की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

इस मामले में प्रेमनगर थाने में आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ BNS, 2023 की धारा 316 (अमानत में खयानत / विश्वासघात), धारा 318(4) (धोखाधड़ी / छल) और धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि यूनिवर्सिटी इस मामले में विशेषज्ञों की राय ले रही है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत आरोपी प्रोफेसर को 7 साल के लिए यूनिवर्सिटी की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

वहीं, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टीएस सिद्धू ने बताया कि मामला सामने आने पर संबंधित प्रोफेसर को पहले नोटिस जारी कर इंक्रीमेंट रोका गया था। संस्थान और प्रोफेसर की जांच में आरोप सही मिलने के बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामला सामने आते ही वाइस चांसलर के निर्देश पर उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई। यूनिवर्सिटी समिति और कॉलेज की आंतरिक जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।

सीएम धामी ने मामले पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पेपर लीक के मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पेपर लीक की जिम्मेदार वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी की फाइल फोटो।

पेपर लीक की जिम्मेदार वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी की फाइल फोटो।

यहां पढ़िए ऑर्डर की कॉपी…

शिवालिक कॉलेज को कड़ी चेतावनी

UTU ने कड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को अगले 7 सालों तक यूनिवर्सिटी की किसी भी परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी से प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं, परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में लापरवाही पर शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी कड़ी चेतावनी जारी की गई है।

अगस्त के तीसरे हफ्ते में होगी दोबारा परीक्षा

परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल ने बताया कि ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। अब दोनों पेपर अगस्त के तीसरे हफ्ते में दोबारा कराए जाएंगे।

नई परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की सूची जल्द यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जारी होगी।

इन 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र प्रभावित

  1. बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज, भीमताल
  2. तुलाज इंस्टीट्यूट, देहरादून
  3. बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट
  4. रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की
  5. शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून
  6. जयरामभाई पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून
  7. माया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून
  8. बाबा फरीद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून
  9. टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, टिहरी
  10. नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग संस्थान, पिथौरागढ़
  11. वूमेन्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून
  12. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोपेश्वर

दो दिन पहले बच्चों ने किया था पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन

पेपर लीक की पुष्टि से दो दिन पहले यानी मंगलवार को छात्रों ने देहरादून में प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। इस दौरान छात्रों की पुलिस से झड़प भी हुई थी। पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन लेकर पहुंची थी।

इसी दौरान छात्रों ने कहा था कि वे आतंकवादी नहीं, बल्कि इस देश के नागरिक हैं। इस प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने किया था।

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