नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मंगलवार को दो जगह बादल फटे है। पहला बादल सरथल के गहन इलाके में और दूसरा माछीपाल क्षेत्र में फटा है। कुछ इलाकों में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद हो गईं है।
अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। पुलिस, रेड क्रॉस, राजस्व विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर भेजी गई हैं।
सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
इधर, राजस्थान और मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश से 5 लोगों की मौत हो गई। एमपी के नीमच में सोमवार रात मकान की छत ढहने से मां-बेटे की मौत हो गई। वहीं, राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर में दीवार ढहने से दो बच्चों सहित 3 लोगों की जान चली गई।

बादल फटने से कई जगहों पर लैंडस्लाइड से रोड बंद हो गई है।

सड़कों से होकर पानी के साथ मलवा बह रहा है।

पहाड़ों से पानी बहकर नीचले इलाकों में जा रहा है। लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है।

बादल फटने से फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।
एक घंटे में 100 मिमी+ बारिश को बादल फटना कहते हैं
बादल फटना ऐसी स्थिति है, जब किसी छोटे इलाके में बहुत कम समय के भीतर अचानक बेहद तेज बारिश होने लगती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि एक घंटे में 100 मिमी या उससे ज्यादा बारिश हो जाए, तो उसे क्लाउडबर्स्ट माना जाता है। यह घटना आमतौर पर 10 से 20 वर्ग किलोमीटर के छोटे क्षेत्र में होती है और पहाड़ी इलाकों में ज्यादा देखने को मिलती है। बादल फटने से अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है।

