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कॉकरोच जनता पार्टी शुरू करेगी ‘क्या बोलती पब्लिक’ कैंपेन:अभिजीत दीपके गांव-शहरों में युवाओं से बात करेंगे; बेरोजगारी और महंगी शिक्षा होगी मुद्दा

नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करेंगे। दीपके ने गुरुवार को महाराष्ट्र के संभाजीनगर में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि हम गांव-शहर जाकर युवाओं से बात करेंगे। साथ ही, बेरोजगारी और महंगी शिक्षा को मुद्दा बनाएंगे।

दीपके बोले- बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है और इसे देशव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा। हम शिक्षा सुधारों पर काम करेंगे। शिक्षा को मुनाफा कमाने का जरिया बना दिया गया है, लेकिन हम इस व्यवस्था को बदलना चाहते हैं।

नीट पेपर लीक को लेकर दीपके और उनकी पार्टी ने जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक, लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।

25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही दीपके मंच पर मुक्के मारने लगे।

25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही दीपके मंच पर मुक्के मारने लगे।

दीपके ने कहा- CJP चुनावी राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी

अभिजीत दीपके ने कहा- CJP कोई चुनावी राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी, बल्कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों और शासन में जवाबदेही तय करने के लिए एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी।

CJP का ‘क्या बोलती पब्लिक’ कैंपेन

महंगी शिक्षा: दीपके के मुताबिक, देश में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की फीस बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसे कम करवाने के लिए और सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए CJP काम करेगी।

बेरोजगारी: देश में बेरोजगारी को एक प्रमुख मुद्दा बनाकर इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।

संस्थागत जवाबदेही: चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए दबाव बनाना।

अभिजीत ने कहा था- देश को प्रेशर ग्रुप की जरूरत

बैठक के पहले दिन 5 अगस्त को दीपके ने कहा था कि देश को इस समय किसी नए राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि एक मजबूत दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) की जरूरत है।

दीपके के मुताबिक, बैठक में जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा, ई-20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था, संगठन विस्तार और देशभर में आगे के आंदोलनों की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।

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