दैनिक उजाला, बलदेव (मथुरा) : स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावों के बीच मथुरा के बलदेव स्थित डोरीलाल अग्रवाल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) की बदहाल व्यवस्था गंभीर सवाल खड़े कर रही है। मंगलवार रात करीब 8 बजे बिजली आपूर्ति बाधित होने पर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड समेत लगभग सभी वार्ड अंधेरे में डूब गए। मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को भी अंधेरे के कारण वार्डों से बाहर आना पड़ा।
अस्पताल में मौजूद एक स्टाफ सदस्य ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि सीएचसी में तीन इन्वर्टर लगे हुए हैं, लेकिन तीनों महीनों से खराब पड़े हैं। कई बार इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया, इसके बावजूद मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजतन बिजली जाते ही अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे चलने लगती हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर कोई निगरानी नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक पर मनमानी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा भी अस्पताल की नियमित मॉनिटरिंग नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि सीएमओ न तो निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं और न ही आम नागरिकों के फोन का जवाब देते हैं।
क्षेत्रवासियों के अनुसार बलदेव सीएचसी की इमरजेंसी सेवाएं लंबे समय से बदहाल हैं। यही कारण है कि गंभीर स्थिति में मरीजों को मजबूरन करीब 17 किलोमीटर दूर मथुरा शहर के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में अंधेरे में डूबा अस्पताल मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकता है।
मंगलवार रात सामने आई यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेकर अस्पताल में बिजली बैकअप और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराते हैं या फिर मरीजों को इसी तरह अंधेरे में इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

