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Wed. Jun 24th, 2026

मथुरा के बलदेव की बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे: आधी रात के बाद आती है सप्लाई, ट्रिपिंग और कटौती से जनता बेहाल

  • एक फीडर पर एक लाइनमैन, कैसे सुधरेगी व्यवस्था? बलदेव में बिजली संकट गहराया
  • SE देहात और चीफ इंजीनियर के पास सैकड़ों शिकायतें, फिर भी नहीं जागे अफसर: बलदेव में बिजली संकट से त्रस्त जनता
  • SE देहात को कभी भी फ़ोन या व्हाट्सप्प करो तो कोई रिप्लाई नहीं, विद्युत विभाग का सरकारी नंबर बोझ ?

दैनिक उजाला, मथुरा/बलदेव : भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई श्रीदाऊजी की नगरी बलदेव कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को दिन और रात दोनों समय भारी बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि रात्रि 12 बजे से पहले लगातार बिजली मिलना दुर्लभ हो गया है, जबकि कई बार रात 1 से 2 बजे के बाद ही अपेक्षाकृत स्थिर आपूर्ति मिल पाती है। लगातार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से लोगों की नींद, दिनचर्या और कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कस्बे के लोगों ने सैकड़ों बार दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के एसई देहात और चीफ इंजीनियर स्तर तक अपनी समस्याएं पहुंचाईं, लेकिन आज तक किसी वरिष्ठ अधिकारी ने बलदेव पहुंचकर उपभोक्ताओं से सीधे संवाद करने या उनकी समस्याएं जानने का गंभीर प्रयास नहीं किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतें लगातार भेजी जाती हैं, लेकिन समाधान के बजाय केवल आश्वासन ही मिलता है।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली आने और जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। फॉल्ट के नाम पर घंटों आपूर्ति बाधित रहती है और हर घंटे 15 से 20 मिनट की ट्रिपिंग आम बात बन चुकी है। इससे इन्वर्टर, फ्रिज, कूलर, एसी और अन्य विद्युत उपकरणों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

लोगों का कहना है कि आरडीएसएस योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा। नई लाइनें और अन्य कार्य होने के बावजूद उपभोक्ता आज भी निर्बाध बिजली के लिए तरस रहे हैं।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में कुशल तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। कई फीडरों पर केवल एक लाइनमैन के भरोसे व्यवस्था चल रही है। ऐसे में फॉल्ट होने पर तत्काल समाधान संभव नहीं हो पाता। लगातार ट्रिपिंग और अनियमित संचालन के कारण ट्रांसफार्मरों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है और ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ती जा रही है।

स्थानीय सुधीर अग्रवाल का कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र का दौरा कर वास्तविक स्थिति देखें तो समस्या की गंभीरता समझ में आएगी। उनका आरोप है कि बलदेव की जनता पिछले दो वर्ष से गर्मियों से समय में बिजली संकट झेल रही है, लेकिन एसई देहात और चीफ इंजीनियर स्तर से अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई। SE देहात तो इन्हें कभी फ़ोन करो अटेंड ही नहीं होता।

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