वॉशिंगटन/नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया। ये ट्रम्प की राष्ट्रपति रहते हुए दूसरी भारत यात्रा हो सकती है। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में पहली बार भारत यात्रा पर आए थे। अहमदाबाद में ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
रूबियो से पूछा गया कि वे भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं, तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, ‘हम PM मोदी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।’
हैदराबाद में ट्रम्प के नाम पर सड़क

ट्रम्प के नाम पर सड़क की घोषणा मंगलवार को हैदराबाद में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘फ्रीडम 250’ समारोह में की गई। इस दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का मौजूद थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास की सड़क का नाम ‘डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू’ रखे जाने पर भारत का धन्यवाद किया है।
उन्होंने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “भारत के हैदराबाद में नया डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू। इस तरह सम्मानित होने वाला मैं पहला अमेरिकी राष्ट्रपति हूं। धन्यवाद!”
ट्रम्प के भारत दौरे पर टैरिफ, डिफेंस और AI पर बातचीत संभव
- ट्रेड डील और टैरिफ: दोनों देश एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के बेहद करीब हैं। ट्रम्प की नई टैरिफ नीतियों और भारतीय सामानों पर लगने वाले टैक्स को कम करने पर सीधी बात हो सकती है।
- डिफेंस और मिलिट्री डील: ‘इंडिया-यूएस कॉम्पैक्ट’ के तहत दोनों देशों के बीच सैन्य ताकत बढ़ाने और अत्याधुनिक हथियार बनाने की तकनीक शेयर करने पर फैसला हो सकता है।
- भविष्य की टेक्नोलॉजी (AI): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और सुरक्षित ग्लोबल सप्लाई चेन बनाने के लिए दोनों नेता मिलकर काम करने की रणनीति तैयार हो सकती है।
- वैश्विक सुरक्षा और शांति: मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने और वैश्विक तनाव के बीच दोनों देशों के सुरक्षा हितों की रक्षा करने पर अहम चर्चा हो सकती है।
भारत-अमेरिका के बीच ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार
भारत और अमेरिका के बीच साल 2025 में ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार हुआ। भारत ने अमेरिका को लगभग ₹8 लाख करोड़ का सामान एक्सपोर्ट किया। वहीं अमेरिका से भारत ने लगभग ₹4.6 लाख करोड़ का सामान इंपोर्ट किया।

