- एमडी के आदेश पर डीवीवीएनएल मुख्यालय आगरा से पहुंचे मुख्य अभियंता (टेक्निकल), स्थानीय लोगों से लिए सुझाव; वर्षों से शिकायतों के बावजूद क्षेत्रीय अधिकारी नहीं पहुंचे थे हाल जानने
दैनिक उजाला, मथुरा/बलदेव : बलदेव टाउन में लंबे समय से व्याप्त विद्युत संकट को लेकर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तक मामला पहुंचने के बाद बिजली विभाग सक्रिय हो गया। ऊर्जा मंत्री द्वारा डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक (एमडी) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद सोमवार को डीवीवीएनएल मुख्यालय आगरा से मुख्य अभियंता (टेक्निकल) रामनरेश बलदेव पहुंचे और स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर विद्युत व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न मोहल्लों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं तथा आवश्यक सुझाव भी लिए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पहला अवसर है जब डीवीवीएनएल मुख्यालय स्तर का कोई वरिष्ठ अधिकारी बलदेव पहुंचकर आम उपभोक्ताओं से उनकी समस्याएं जानने के लिए बैठा। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से मथुरा के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता (देहात) को सैकड़ों शिकायतें भेजी गईं, लेकिन उन्होंने न तो कभी बलदेव आकर जनता से संवाद किया और न ही समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण करने की जरूरत समझी। इतना ही नहीं, उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद अधीक्षण अभियंता (देहात) ने फोन तक रिसीव करना उचित नहीं समझा।
बलदेव टाउन की विद्युत व्यवस्था पिछले कई महीनों से लगातार सवालों के घेरे में है। अधिकांश दिनों में रात्रि 12 बजे के बाद ही अपेक्षाकृत लगातार विद्युत आपूर्ति मिल पाती है। वहीं बीती दो रातों से हालात और अधिक खराब हो गए, जब लंबे समय तक बिजली गुल रहने से हजारों उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार ट्रिपिंग, अघोषित कटौती और फॉल्ट के कारण लोगों की रातें जागकर गुजर रही हैं तथा घरेलू विद्युत उपकरणों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता (टेक्निकल) रामनरेश ने बताया कि वह डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक के निर्देश पर बलदेव टाउन की विद्युत समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर स्थानीय नागरिकों से सुझाव लिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई तकनीकी एवं व्यवस्थागत कमियों का परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र कराए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।
इस दौरान डीवीवीएनएल मथुरा प्रथम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) गौरव कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न फीडरों की स्थिति, ट्रिपिंग, ओवरलोड, मैनपावर की कमी तथा तकनीकी चुनौतियों की विस्तृत जानकारी मुख्य अभियंता को दी। निरीक्षण के दौरान संभावित समाधान और आवश्यक कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर शुरू हुई यह पहल केवल निरीक्षण तक सीमित न रहकर धरातल पर भी दिखाई दे। लोगों का कहना है कि बलदेव जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक कस्बे को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिलनी चाहिए। यदि तकनीकी संसाधनों और मैनपावर की कमी दूर कर दी जाए तो वर्षों से चली आ रही ट्रिपिंग और अघोषित कटौती की समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद जिस तत्परता से मुख्यालय स्तर के अधिकारी बलदेव पहुंचे, उससे लोगों में यह उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और लंबे समय से उपेक्षित विद्युत व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।

