- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल से बॉलीवुड में हलचल मच गई है, अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, जीनत अमान, ओमी वैद्य और अरुंधति रॉय जैसे सितारों ने अपना समर्थन जाहिर किया है
दैनिक उजाला, मनोरंजन डेस्क : लद्दाख के जाने-माने शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल लगातार 17वें दिन में प्रवेश कर गई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे उनके इस संघर्ष ने अब पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंगलवार को वांगचुक की बिगड़ती सेहत का ताजा स्वास्थ्य बुलेटिन साझा किया, जिसके बाद उनके शुभचिंतकों की चिंता और भी बढ़ गई है। दिपके ने बताया कि इतने लंबे समय से अन्न का त्याग करने के कारण वांगचुक का वजन करीब 8.2 से 8.5 किलोग्राम तक कम हो गया है। उनका ब्लड प्रेशर 109/70 पर आ गया है और ब्लड ग्लूकोज लेवल गिरकर खतरनाक रूप से 67 mg/dL तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य की इस गंभीर और चिंताजनक स्थिति को देखते हुए अब कई बॉलीवुड हस्तियां उनके समर्थन में आगे आई हैं और उन्होंने भारत सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत बातचीत शुरू करने की अपील की है।
दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने सरकार से की सीधी अपील
बॉलीवुड की जानी-मानी दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान, अभिनेता अभय देओल और कई अन्य सितारों ने केंद्र सरकार से इस संवेदनशील मामले में खुला संवाद करने का आग्रह किया है। जीनत अमान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सोनम वांगचुक की एक तस्वीर साझा करते हुए एक विस्तृत और भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा, ‘आज मेरे विचार देश की राजधानी की ओर हैं, जहां सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अपने 17वें दिन में प्रवेश कर रही है। मैंने एक खबर में पढ़ा कि उनकी मांसपेशियां कमजोर होने लगी हैं और वे असहनीय दर्द से गुजर रहे हैं। जब उनसे उनका अनशन खत्म करने का आग्रह किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए। इसके बजाय सरकार से पूछिए कि वे हमसे संवाद क्यों नहीं कर रहे हैं।”
जीनत अमान ने आगे कहा कि वांगचुक कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि ‘सेकमोल’ के संस्थापक, आइस स्तूप के आविष्कारक, लद्दाख में शिक्षा सुधारों के अग्रदूत और एक बेहद समर्पित पर्यावरण व सामुदायिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने याद दिलाया कि बॉलीवुड की सबसे चर्चित फिल्म ‘3 इडियट्स’ में आमिर खान द्वारा निभाया गया लोकप्रिय किरदार ‘फुंसुक वांगडू’ इन्हीं से प्रेरित है। अभिनेत्री ने चिंता जताते हुए कहा, ‘हमें एक ऐसा समाज नहीं बनना चाहिए जो चुपचाप बैठकर अपने देश के महानतम विचारकों में से एक को दांव पर लगते हुए देखे। भारत में शांतिपूर्ण विरोध का एक लंबा इतिहास रहा है और सत्ता में बैठे लोगों का यह कर्तव्य है कि वे इस तरह के विरोध को शांतिपूर्ण बातचीत से सुलझाएं।’
अभय देओल ने भी जाहिर किया दर्द
वहीं अभिनेता अभय देओल ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर वांगचुक की एक चिंताजनक तस्वीर साझा की और केवल एक टूटे हुए दिल के इमोजी के साथ अपनी गहरी फिक्र जाहिर की।
नसीरुद्दीन शाह और अन्य गणमान्य हस्तियों का साझा बयान
इस बीच, दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, उनकी पत्नी व अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह, जानी-मानी लेखिका अरुंधति रॉय और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जयंती घोष सहित कई अन्य प्रमुख लोगों ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस साझा बयान में इन हस्तियों ने प्रदर्शनकारियों को अपना पूरा समर्थन दिया और उनसे इस अनिश्चितकालीन अनशन को समाप्त करने की भावुक अपील की। हस्ताक्षरकर्ताओं ने अपने बयान में कहा कि वे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने सरकार के खिलाफ इस मुहिम का नेतृत्व किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साहस, दृढ़ संकल्प और उनकी बहादुरी की जमकर सराहना की। इसी कड़ी में फिल्म ‘3 इडियट्स’ में ‘चतुर’ का मशहूर किरदार निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने भी एक वीडियो जारी कर वांगचुक के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है।
सोनम में के सपोर्ट में ओमी वैद्य
‘3 इडियट्स’ फेम एक्टर ओमी वैद्य भी सोनम वांगचुक के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर के बताया कि फिल्म आमिर का किरदार सोनम पर ही आधारित था। उन्होंने बिगड़ती तबीयत पर कहा कि सोनम के साथ खड़े हों, उससे पहले कि देर हो जाए। एक्टर ने ये भी कहा, ‘फुंसुक वांगडू को मरने मत देना’।
NEET विवाद और CJP का 24 दिनों से जारी आंदोलन
बता दें, मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन पिछले 24 दिनों से लगातार जारी है। 59 वर्षीय शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक 28 जून को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और उन्होंने CJP के आंदोलन को मजबूती देने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। पिछले 17 दिनों से उनकी भूख हड़ताल जारी है, ऐसे में उनकी तबीयत भी तेजी से बिगड़ रही है। उनकी मांग है कि सरकार उनकी बात और मांगों को सुने। उनकी एक मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।

