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राहुल बोले-पुलिसवालों ने मेरे कान में कहा सरकार को हटाइए:मुझे घसीटा तो मुंह से खून आया, दो-तीन पंच लगे, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा

नई दिल्ली : राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज पर करीब 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने सबसे पहले अपने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए।

राहुल कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा। ऐसा क्यों किया गया। नीट पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई।

राहुल ने कहा- जब पुलिसवाले मुझे हटाने आए तो उन्होंने मेरे कान में कहा सरकार को हटाइए। मुझे घसीटा तो मुंह से खून आया, दो-तीन पंच लगे, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा।

20 जुलाई को हुए प्रदर्शन की क्लिप दिखाई…

राहुल ने वीडियो में क्या दिखाया…

  • महिलाओं के साथ बर्बरता: महिलाओं के साथ पुलिस बदसलूकी करते दिख रही है। DCP संदीप लांबा पर लड़की को थप्पड़ मारने के आरोप लग रहे हैं।
  • पैलेट गन का इस्तेमाल: प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। एक छात्र के शरीर पर बंदूक के छर्रे दिखाई दिए। हालांकि, पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल के दावे को खारिज किया है।
  • घायल छात्रों की चीख-पुखार: छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस अचानक उन पर लाठीचार्ज कर देती है। वीडियो में दिखाया गया कि किसी छात्रों के सिर से खून बह रहा तो किसी छात्र को पुलिस घसीट रही है।

पेपर लीक में अभी तक कोई सजा नहीं

राहुल की दूसरी स्लाइड पेपर लीक के आंकड़ों से जुड़ी थी। राहुल ने कहा- अब तक 152 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं। जिससे 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए लेकिन पेपर लीक करने वालों को कोई सजा नहीं मिली।

NEET का खर्च देश के शिक्षा बजट से ज्यादा है

राहुल ने कहा- 10 साल में 152 पेपर देश में लीक हुए हैं। इनमें किसी भी मामले में किसी को भी सजा नहीं मिली। 1.4 लाख करोड़ भारत सरकार का एजुकेशन बजट है। 1.32 लाख करोड़ भारतीय परिवार नीट एग्जाम पर खर्च करते हैं। NEET का खर्च देश के शिक्षा बजट से ज्यादा है।

राहुल की 3 डिमांड, पीएम मोदी छात्रों से माफी मांगे

राहुल ने प्रेजेंटेशन के दौरान चौथी स्लाइड दिखाई। जिसमें उन्होंने तीन डिमांड रखीं। पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरी- छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई हो। तीसरा- पीएम मोदी छात्रों से माफी मांगें।

21 जुलाई: राहुल का नीट पेपर लीक मामले पर प्रदर्शन

राहुल गांधी ने 21 जुलाई को पीएम आवास के पास नीट पेपर लीक मामले में करीब 3 घंटे तक प्रदर्शन किया। पुलिस और सुरक्षाबलों ने उन्हें हटाने की कोशिश की। जब वे नहीं माने तो जवानों ने राहुल को जबरदस्ती उठा लिया।

राहुल गांधी ने 21 जुलाई को पीएम आवास के पास नीट पेपर लीक मामले में करीब 3 घंटे तक प्रदर्शन किया। पुलिस और सुरक्षाबलों ने उन्हें हटाने की कोशिश की। जब वे नहीं माने तो जवानों ने राहुल को जबरदस्ती उठा लिया।

दो जवानों ने राहुल के हाथ पकड़े, दो जवान राहुल के पैर पकड़े हुए थे। पुलिस राहुल को उठाकर बस में ले गई।

दो जवानों ने राहुल के हाथ पकड़े, दो जवान राहुल के पैर पकड़े हुए थे। पुलिस राहुल को उठाकर बस में ले गई।

राहुल को उठाने के दौरान उनकी नाक में चोट लगी। वह दोनों हाथ को बांधे भी हुए थे। हाथ बांधने का यह सांकेतिक प्रदर्शन था। जिसमें दिखाया गया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है।

राहुल को उठाने के दौरान उनकी नाक में चोट लगी। वह दोनों हाथ को बांधे भी हुए थे। हाथ बांधने का यह सांकेतिक प्रदर्शन था। जिसमें दिखाया गया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है।

पुलिस के हिरासत में लेने के दौरान राहुल की नाक में लगी चोट की तस्वीर भी सामने आई। उनकी नाक के पास खून बह रहा था।

पुलिस के हिरासत में लेने के दौरान राहुल की नाक में लगी चोट की तस्वीर भी सामने आई। उनकी नाक के पास खून बह रहा था।

राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम में बने डिटेंशन सेंटर से रखा गया था। जब उन्हें रिहा किया गया तब उनके एक पैर में जूता नहीं था। तस्वीर पीछे से ली गई थी, उनके कपड़े गंदे थे।

राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम में बने डिटेंशन सेंटर से रखा गया था। जब उन्हें रिहा किया गया तब उनके एक पैर में जूता नहीं था। तस्वीर पीछे से ली गई थी, उनके कपड़े गंदे थे।

29 साल पहले धर्मेंद्र प्रधान ने भी पेपर लीक पर लाठियां खाईं थीं

1997 में पेपर लीक प्रदर्शन में धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए थे। उनको बुरी तरह पीटा गया था। चेहरे पर चोटें भी आईं थीं। फोटो क्रेडिट: टीएनआईई

1997 में पेपर लीक प्रदर्शन में धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए थे। उनको बुरी तरह पीटा गया था। चेहरे पर चोटें भी आईं थीं। फोटो क्रेडिट: टीएनआईई

पेपर लीक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जा रहा है। लेकिन 29 साल पहले पेपर लीक मुद्दे पर उन्होंने भी विरोध प्रदर्शन किया था। प्रधान के सहयोगी रहे प्रशांत राउत ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि 1997 में ओडिशा में एक पेपर लीक हुआ था, तब प्रधान ने प्रदर्शन किया था।

इसमें करीब 1,500 छात्र शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया था। धर्मेंद्र प्रधान को बुरी तरह पीटा गया था। उनके शरीर में कई जगह चोटें आईं और फ्रैक्चर भी हुआ था।

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