जयपुर : दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे नीट और पेपर लीक विरोधी आंदोलन की गूंज अब राजस्थान की राजधानी जयपुर तक पहुंच गई है। नीट समेत प्रदेश की अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में छात्रों और युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
आज जयपुर में कई जगहों पर प्रदर्शन, भूख हड़ताल और कैंडल मार्च के जरिए सरकार के खिलाफ विरोध तेज होगा। वहीं बढ़ते आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासन और पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान यूनिवर्सिटी (आरयू) के मुख्य गेट पर छात्र नेता शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी है। उनके साथ बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

राजस्थान यूनिवर्सिटी में तीसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
वहीं, शहर के जवाहर सर्किल पर शुक्रवार दोपहर सैकड़ों छात्र और युवा विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ विभिन्न छात्र संगठनों के शामिल होने की संभावना है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

छात्र नेता शुभम रेवाड़ अपने समर्थकों के साथ पिछले 3 दिन से राजस्थान यूनिवर्सिटी में भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सड़क पर उतरेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में आज शाम साढ़े 6 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। कैंडल मार्च स्टेच्यू सर्किल से अंबेडकर सर्किल तक निकलेगा। कांग्रेस इस दौरान केंद्र सरकार को परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाएगी।
सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की
राजधानी में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से तत्काल निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है।

जवाहर सर्किल पर ऐवेंजर्स बनकर युवा सरकार से पेपर लीक बंद कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
संभावित प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस लगाई
पुलिस प्रशासन ने भी राजधानी के संवेदनशील इलाकों, राजस्थान यूनिवर्सिटी, जवाहर सर्किल और अन्य संभावित प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
दिल्ली से शुरू हुआ यह छात्र आंदोलन अब राजस्थान में भी राजनीतिक और सामाजिक रूप लेता नजर आ रहा है। एक ओर छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

