आरा (भोजपुर) : ‘मैं सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता था। अप्रैल की शुरुआत में इंस्टाग्राम स्क्रॉल कर रहा था। फ्रेंड सजेशन में एक लड़की की प्रोफाइल दिखी। मैंने रिक्वेस्ट भेजा, उसे लड़की ने एक्सेप्ट कर लिया। इसके बाद हम दोनों में बातचीत होने लगी। कुछ ही दिन में एक-दूसरे से प्यार का इजहार किया।
प्यार के इजहार के बाद प्रेमिका पहले मुझसे मिलने की जिद करने लगी। मैंने कहा कि कुछ दिन समय चाहिए, लेकिन वो बार-बार मिलने की जिद कर रही थी। मैंने उसे भोजपुर बुला लिया। मुझे नहीं पता था कि वो अकेली घर से आ जाएगी। यहां आने के बाद उसने मुझसे शादी की जिद की, इसलिए मैंने उसकी हत्या कर दी।’
भोजपुर के चरपोखरी के पड़रिया गांव के रहने वाले योगेंद्र सिंह यादव के बेटे 28 साल के सीटू यादव ने अपने कबूलनामा में ये बातें पुलिस को बताई हैं।
दरअसल, चरपोखरी इलाके में 29 जून को 19 साल की अंजू कुमारी की सड़ी-गली लाश मिली थी। पुलिस ने शव के पास मिले लकड़ी के टूटे मोबाइल के जरिए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

घटनास्थल पर लड़की की सड़ी गली लाश मिली थी। लाश के पास ही उसका टूटा हुआ मोबाइल भी बरामद किया गया था।

करीब एक महीने बाद युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी प्रेमी ने अपने कबूलनामा में बताया…
एक पुलिसकर्मी के मुताबिक, आरोपी सीटू यादव ने बताया कि जब अंजू ने मिलने की बात कही, तो मुझे लगा कि वो मजाक में ऐसा बोल रही है, लेकिन उसने लगातार मिलने की जिद जारी रखी। मैंने अंजू के बारे में किसी को बताया नहीं था। घर में भी इस बारे में किसी को पता नहीं था। 27 जून को मेरे परिवार के लोग कही बाहर गए थे। इसलिए मैंने उसे 26 जून को भोजपुर बुला लिया।
मैंने उससे पूछा भी कि तुम अकेले कैसे आओगी, उसने कहा कि तुम मेरी चिंता मत करो, मुझे सिर्फ तुमसे मिलना है, मुझे तुम्हारे पास आना है। मिलने के बाद मैं घर लौट जाऊंगी।
सीटू ने कबूलनामा में बताया कि मैंने उससे पूछा कि दो से तीन दिन तुम्हें आने-जाने में लगेंगे, तो उसने कहा कि घर पर बता दूंगी कि सहेली से मिलने जा रही हूं।
27 जून को भोजपुर पहुंची अंजू, घर के पास सुनसान इलाके में बुलाया
सीटू ने बताया कि 27 जून को अंजू भोजपुर पहुंची। स्टेशन पहुंचने के बाद उसने मुझे कॉल किया। मैंने सोचा कि किसी होटल या रेस्टोरेंट में मिल लेता हूं। लेकिन फिर मुझे लगा कि अगर किसी ने देख लिया, तो घरवालों को क्या बताऊंगा। इसलिए मैंने अंजू को गांव के पास सुनसान इलाके में बुलाया था।
आरोपी ने बताया कि पहली मुलाकात के बाद करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई। इसके बाद अंजू मुझसे शादी और घर चलने की जिद करने लगी। मैं डर गया। मैंने काफी समझाया, लेकिन वो अपनी जिद पर अड़ी रही। पहले ही जिद कर वो झारखंड से भोजपुर आ गई थी, मुझे लगा कि वो मेरे घर चली जाएगी, इसलिए मैंने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और उसका मोबाइल भी तोड़ दिया, ताकि अगर कोई कॉल करे तो रिंगटोन न बजे और कोई घटनास्थल तक न पहुंच जाए।
पुलिस आरोपी तक कैसे पहुंची
चरपोखरी थाना के इंचार्ज रवि शंकर के मुताबिक, घटनास्थल पर एक टूटा मोबाइल मिला था। पुलिस को पता नहीं था कि मोबाइल किसका है। मोबाइल की पड़ताल के बाद पता चला कि ये लड़की का ही मोबाइल है। लड़की की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपी सीटू तक पहुंची।
जांच पड़ताल शुरू होने के बाद पता चला कि सीटू घर से फरार है। इसके बाद लगातार आरोपी की तलाश की जा रही थी, सोमवार को उसे उसके घर के पास से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, कॉल डिटेल के आधार पर ही लड़के के घर और पिता के बारे में 30 जून को जानकारी मिली थी, इसके बाद उसके पिता को घटना की जानकारी दी गई थी।
चरपोखरी थानाध्यक्ष रवि शंकर ने बताया कि आरोपित ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की है। उसने बताया कि शादी के दबाव से बचने के लिए उसने युवती की गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को सूखे आहर में फेंक दिया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

26 जून की सुबह 9 बजे अंजू घर से बिना कुछ बताए निकली थी।
26 जून को घर से निकली थी अंजू
अंजू के पिता गुलाबी मंडल ने बताया कि 26 जून की सुबह 9 बजे अंजू घर से बिना कुछ बताए निकली थी। शाम तक जब तक वो घर नहीं लौटी तो हम लोगों ने अंजू की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
हम लोगों ने स्थानीय थाने में बेटी के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई। अंजू 4 बहन और एक भाई में तीसरे नंबर पर थी। परिवार में मां लीला देवी, तीन बहनें पिंकी देवी, साजन देवी, अनोखा कुमारी और एक भाई निरंजन कुमार है।

