नई दिल्ली : लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को ध्वनि मत से पास हो गया।
बिल पर मंगलवार को 9 घंटे चर्चा हुई। बुधवार को विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी बिल पर 50 मिनट बोले। विपक्ष के हंगामे के बीच बिल पास हुआ।
इसके तहत पेपर लीक से जुड़े कानून सख्त कर दिए हैं। अब पेपर लीक से जुड़े अपराधों में अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
वहीं राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) बिल पास हो गया। अब जन-गण-मन की तरह वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण मिलेगा। वंदे मातरम का अपमान, अनादर और गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा।
एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लोकसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया।
राहुल के बयान पर सदन में हंगामा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सत्ता पक्ष के सासंदों को शांत कराया और राहुल गांधी को भाषण पूरा करने के लिए आग्रह किया। जिसके बाद फिर राहुल गांधी ने भाषण को दोबारा शुरू किया और कहा कि बल प्रयोग की मंजूरी सिर्फ गृह मंत्री या प्रधानमंत्री दे सकते हैं। जिससे फिर हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी से माफी की मांग की गई।
विपक्ष अहम बिल पर भी राजनीति कर रहा है- जितेंद्र सिंह
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जब इतने अहम बिल पर चर्चा हो रही हो, तो सुझाव देने के बजाय इस पर राजनीति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ने जिस असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, वह हैरान करने वाली है; मुझे हैरानी होती है कि क्या उन्हें संसदीय कामकाज के बुनियादी नियमों की भी जानकारी है। इस देश के युवाओं को, जो देश का भविष्य हैं ‘मूर्ख’ कहने से ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है?

