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3 कमरों में चल रहा था संस्कृत महाविद्यालय, CDO पहुंचे तो टेबल पर पैर रखकर सोता मिला कर्मचारी, छात्र-शिक्षक गायब

  • वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी पंखा लगाकर आराम से सो रहा है, लोग कमरे में जाते हैं और चारो तरफ घूमकर वीडियो बनाते हैं, लेकिन कर्मचारी की नींद एक बार भी नहीं खुलती है

उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक संस्कृत महाविद्यालय सिर्फ तीन कमरों में चल रहा था। खास बात यह है कि जब जांच अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे तो इन तीन कमरों में भी कोई छात्र या शिक्षक नहीं थे। मौके पर सिर्फ एक कर्मचारी मौजूद था, जो टेबल पर पैर रखकर आराम से सो रहा था। कर्मचारी की नींद इतनी गहरी थी कि जांच टीम उसके कमरे में पहुंची, वीडियो बनाया और वापस आ गई, लेकिन वह आराम से सोता रहा।

संस्कृत महाविद्यालय में सीडीओ के औचक निरीक्षण के बाद बवाल मचा हुआ है। इस जांच ने शिक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या महाविद्यालय में वास्तव में पढ़ाई हो रही है या सिर्फ कागजों पर संस्थान चल रहा है? क्या सरकारी अनुदान का सही इस्तेमाल हो रहा है? आखिर निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी कुर्सी पर सोता क्यों मिला और कॉलेज में एक भी छात्र क्यों नहीं थे ? ये तमाम प्रश्न है।

कुर्सी पर सोता मिला कर्मचारी

मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह जब पांडेचक बरनई स्थित श्री विजय राघव संस्कृत महाविद्यालय पहुंचे तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। निरीक्षण के समय महाविद्यालय में कोई छात्र मौजूद नहीं था, जबकि एक कर्मचारी कुर्सी पर सोता मिला। जिसे आप वीडिओ मे साफ तौर पर देख सकते है। सीडीओ ने यह भी पाया कि पूरा महाविद्यालय केवल तीन कमरों में संचालित हो रहा है।

सीडीओ ने दिए जांच के आदेश

अब सवाल यह है कि क्या यह संस्थान मानकों के अनुरूप संचालित हो रहा है। क्या इसकी मान्यता और  नियमों के अनुसार है इन सभी बिंदुओं की जांच के आदेश सीडीओ ने दे दिए हैं। वही  सीडीओ राजेश कुमार सिंह का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीडीओ का बयान

मुख्य विकास अधिकारी , देवरिया, राजेश कुमार सिंह ने बताया, “हम कल सुबह पांडे चक बरनई संस्कृत महाविद्यालय पर गए थे, वहां छोटे-छोटे तीन कमरे थे, उस कमरे में एक कर्मचारी दवा खाकर या जैसे भी सोया हुआ था। हम लोगों ने उसका वीडियो बनाया है। हम लोग इसकी जांच कर रहे हैं कि अगर यह विद्यालय सरकारी है तो क्यों नहीं पढ़ाया जा रहा है। अगर प्राइवेट भी है तो उसकी हम जानकारी ले रहे हैं आखिर वह इस तरह कैसे कम कर रहे हैं।”

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