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केरलम और कर्नाटक में भारी बारिश-लैंडस्लाइड से 11 की मौत:8 लापता; किश्तवाड़ में बादल फटने से कई घरों में पानी घुसा, बद्रीनाथ हाईवे 20 मीटर तक धंसा

नई दिल्ली : देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। केरलम में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड और बाढ़ से 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 8 लोग लापता हैं। सरकार ने 209 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 5,792 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है।

कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार सुबह लैंडस्लाइड में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मल्लिकार्जुन (35), उनकी पत्नी नागवेणी (28) और 3 साल का बेटा संतोष शामिल हैं। हादसे के समय तीनों पहाड़ी के पास बने घर में सो रहे थे।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू इलाके में शनिवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। कई मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा, दो कारें बह गईं और सड़कों पर मलबा भर गया। एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

वहीं उत्तरकाशी में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ। चमोली के गौचर के पास कमेड़ा में बद्रीनाथ हाईवे का 20 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात वन-वे कर दिया गया है। मौसम विभाग ने 7 अगस्त तक मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है।

केरलम के कन्नूर जिले की श्रीकंदापुरम नगर पालिका में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया।

केरलम के कन्नूर जिले की श्रीकंदापुरम नगर पालिका में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। कई मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। सड़कों पर मलबा भर गया।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। कई मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। सड़कों पर मलबा भर गया।

गुजरात के मोरबी में भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया।

गुजरात के मोरबी में भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया।

सूरत के कई इलाकों में शनिवार को सड़कों और घरों में दो से तीन फीट पानी भर गया।

सूरत के कई इलाकों में शनिवार को सड़कों और घरों में दो से तीन फीट पानी भर गया।

गुजरात के मोरबी में बाढ़ जैसे स्थिति हो गई। लोग गले तक पानी में तैरकर एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं।

गुजरात के मोरबी में बाढ़ जैसे स्थिति हो गई। लोग गले तक पानी में तैरकर एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) के बाद कई घरों में पानी घुस गया।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) के बाद कई घरों में पानी घुस गया।

तमिलनाडु: 2000 लोगों ने बारिश के लिए प्रार्थना की

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में सूखे मौसम की वजह से तिरुचिरापल्ली के थेन्नूर में मुस्लिम समाज के 2,000 लोगों ने बारिश की विशेष प्रार्थना (सलात अल-इस्तिस्का) की। कई जिलों में तापमान 37.5°C से ऊपर बना हुआ है और राज्य भीषण जल संकट का सामना कर रहा है।

सूरत में बारिश रुकी, लेकिन किम नदी का जलस्तर अब भी बढ़ा हुआ

गुजरात के सूरत में फिलहाल बारिश रुक गई है, लेकिन किम नदी का जलस्तर अब भी बढ़ा हुआ है। नदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम श्मशान घाट पानी में डूब गया, जिसके चलते लोगों को अंतिम संस्कार के लिए दूसरे श्मशान घाटों पर जाना पड़ रहा है।

केरल के अलप्पुझा में बाढ़ का खतरा बढ़ा

केरल के अलप्पुझा जिले के कुट्टनाड और अपर कुट्टनाड क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पंबा और अचनकोविल नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया है।

वीयापुरम और चेरुथाना गांवों में बाढ़ से 100 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। अलप्पुझा में 11 राहत शिविर चल रहे हैं, जहां 169 परिवारों के 580 लोगों को ठहराया गया है।

केरल में भारी बारिश से 8 लोगों की मौत, 8 लापता

केरल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, भारी बारिश से अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 लोग लापता हैं। इस आपदा में 13 लोग घायल हुए हैं।

राज्यभर में 5,792 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर 209 राहत शिविरों में ठहराया गया है। बारिश और लैंडस्लाइड के कारण 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 196 घरों को नुकसान पहुंचा है।

जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ा

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बादल ज्यादा फटते हैं

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की सबसे बड़ी वजह हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी हवाएं इन पहाड़ों से टकराकर ऊपर उठती हैं। ऊपर जाते ही हवा ठंडी हो जाती है और उसमें मौजूद नमी तेजी से बादलों में जमा होने लगती है।

इसके अलावा, संकरी घाटियां और ऊंची चोटियां बादलों को एक जगह रोक देती हैं। इससे कम क्षेत्र में बहुत ज्यादा नमी इकट्ठी हो जाती है। जब बादल इतना पानी संभाल नहीं पाते, तो अचानक बेहद तेज बारिश होती है।

यही वजह है कि डोडा, किश्तवाड़, रामबन, पुंछ, राजौरी, सोनमर्ग और कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में बादल फटने की घटनाएं मैदानी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा होती हैं।

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