- जिला एवं सत्र न्यायालय के शैक्षणिक भ्रमण और जैत में विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से जीएलए के विद्यार्थियों ने जाना कानून का व्यावहारिक पक्ष
दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च- विधि के विद्यार्थियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय, मथुरा के शैक्षणिक भ्रमण के साथ जैत में विधिक जागरूकता शिविर में सहभागिता कर कानून के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पक्ष को समझा। न्यायालय भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्यायिक कार्यवाही एवं न्यायिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना रहा, वहीं विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक उपायों और न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें न्यायालय की कार्यप्रणाली, न्यायिक प्रक्रिया तथा न्यायिक कार्यवाही के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने उनके न्यायालय में चल रही बहस एवं कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। उन्होंने सैद्धांतिक अध्ययन के साथ न्यायिक कार्यवाही के व्यावहारिक अनुभव के महत्व को समझाया। साथ ही, विद्यार्थियों को अध्ययन एवं विधिक शोध के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों को नोट कराया, ताकि वे उनका उपयोग अपने अकादमिक अध्ययन एवं विधिक शोध में कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अद्यतन विधिक ज्ञान तथा न्यायिक प्रक्रियाओं की समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराग शर्मा ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने निरंतर अध्ययन, अनुशासन एवं व्यावहारिक अनुभव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बार एवं बेंच की भूमिका को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी पुस्तकों एवं अध्ययन सामग्री के संबंध में सुझाव दिए। अधिवक्ता सौरव शर्मा एवं अधिवक्ता यश शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने एनडीपीएस कोर्ट, पॉक्सो कोर्ट, गैंगस्टर कोर्ट, फैमिली कोर्ट एवं सत्र न्यायालय की कार्यवाही का अवलोकन किया।
जैत में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया

इसी क्रम में जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च की लीगल एड कमेटी द्वारा विधि विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के सहयोग से जैत में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन जैत पुलिस प्रशासन एवं जैत विद्यालय के सहयोग से किया गया। विद्यार्थियों ने जनमानस को उनके कानूनी अधिकारों, अपराध की स्थिति में उपलब्ध विधिक उपायों तथा न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में सरल भाषा में जानकारी दी।
जीएलए विधि संकाय के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने कहा कि विधिक शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल कानून की पुस्तकीय जानकारी तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया, विधिक शोध, न्यायिक निर्णयों और समाज में कानून की भूमिका को व्यावहारिक रूप से समझाना भी है। विश्वविद्यालय की मूट कोर्ट कमेटी द्वारा आयोजित जिला एवं सत्र न्यायालय का भ्रमण विद्यार्थियों को क्लास रूम में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक न्यायिक कार्यवाही से जोड़ने का अवसर देता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की समझ होना आवश्यक है और लीगल एड कमेटी के माध्यम से विश्वविद्यालय समाज के लोगों तक विधिक जागरूकता पहुंचाने तथा आवश्यक विधिक सहायता तक उनकी पहुंच को सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में विधिक संवेदनशीलता, व्यावहारिक समझ और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय, मथुरा के शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर कृति शर्मा एवं डॉ. अरुणांशु दुबे तथा जैत में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुज कुमार सिंह, डॉ. मधुलिका मिश्रा, डॉ. सौम्या श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

