- जीएलए ग्रेटर नोएडा कैंपस में नवाचार और व्यावसायिक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से ‘इग्नाइट’26’ का आयोजन किया
दैनिक उजाला, ग्रेटर नोएडा : जीएलए विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा कैंपस के ई-सेल की ओर से विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच, नवाचार और व्यावसायिक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से ‘इग्नाइट’26’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को युवा उद्यमियों और मार्गदर्शकों से संवाद करने के साथ नवउद्यम के क्षेत्र की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ ई-सेल के परिचय एवं उसके उद्देश्यों के साथ हुआ। इसके बाद नवउद्यम सम्मेलन एवं संवादात्मक प्रश्न सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने नवउद्यम, व्यावसायिक विचारों और उद्यमशील सोच से जुड़े विषयों पर सक्रिय सहभागिता की।
एमबीए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी एवं वायु क्लोदिंग ब्रांड के संस्थापक सचिन ने अपने उद्यमशील सफर को साझा करते हुए व्यावसायिक विचार विकसित करने, ब्रांड की स्थापना, शुरुआती चुनौतियों और विचार को व्यवसाय में बदलने के अनुभव बताए।
जीएलए टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर के वाईस प्रेसीडेंट रविकुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को नवउद्यम शुरू करने की प्रक्रिया और शुरुआती चरण की चुनौतियों के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने, सोच-समझकर जोखिम लेने और व्यावहारिक अनुभवों से सीखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार को बाजार की जरूरतों से जोड़ने और विचारों को प्रभावी व्यवसाय मॉडल में बदलने की दिशा में प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता की शुरुआत केवल नए विचार से नहीं, बल्कि उस विचार को सही रणनीति, टीम और संसाधनों के साथ धरातल पर उतारने से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास की समस्याओं को अवसर के रूप में देखने और समाधान आधारित सोच विकसित करने का आह्वान किया।
नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया
जीएलए ग्रेटर नोएडा के प्रतिकुलपति प्रो. द्विवाकर भारद्वाज ने सफल उद्यम के निर्माण में दृढ़ संकल्प, अनुशासन, परिश्रम और निरंतर प्रयास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमशील दृष्टिकोण विकसित करने और पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि ‘इग्नाइट’26’ ने विद्यार्थियों को अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से समस्या-समाधान, नेतृत्व और उद्यमशील क्षमताओं को विकसित करने का अवसर दिया। कार्यक्रम ने नवाचार एवं उद्यमिता के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को नए विचारों और व्यावसायिक अवसरों पर काम करने के लिए प्रेरित किया। यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य के उद्यमी, नवाचारकर्ता और परिवर्तनकारी नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करने की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
वित्तपोषित नवउद्यम के संस्थापक, अक्षत ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने उद्यमशील अनुभव साझा किए। उन्होंने विचार को व्यवहारिक एवं सफल व्यवसाय में बदलने की प्रक्रिया, नवउद्यम निर्माण की चुनौतियों और व्यवसाय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर संवाद किया।
कार्यक्रम का प्रमुख गतिविधि-आधारित चरण व्यावसायिक उद्यम चुनौती रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न दलों में काम करते हुए वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं के नवीन एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। प्रतिभागी दलों का मूल्यांकन नवाचार, रचनात्मकता, व्यवहार्यता और व्यावहारिक उपयोगिता के आधार पर किया गया। दो दलों का अंतिम चरण के लिए चयन किया गया, जिसके बाद विजेता दल की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने न केवल अपने व्यावसायिक विचारों को प्रस्तुत किया, बल्कि टीमवर्क, नेतृत्व, निर्णय लेने और समस्या-समाधान जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का भी प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों के साथ संवाद ने उन्हें बाजार की जरूरतों को समझने और अपने विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

